September 4, 2026

अंबिकापुर में 15 साल पुराने ₹2.70 करोड़ के फर्नीचर घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

अंबिकापुर। राजीव गांधी शिक्षा मिशन अंबिकापुर में करीब 15 साल पुराने स्कूल फर्नीचर खरीदी घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2010-11 में अविभाजित सरगुजा जिले के सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए फर्नीचर खरीदी में हुई कथित अनियमितता के मामले में ACB ने तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय (एसपी पाण्डेय) और मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

₹2.70 करोड़ के आवंटन में सामने आई अनियमितता

मामला वर्ष 2010-11 का है। उस समय राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान), अंबिकापुर को अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत स्कूलों में फर्नीचर खरीदी के लिए करीब ₹2.70 करोड़ का आवंटन मिला था।

जिला कार्यालय द्वारा तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद पंजीकृत फर्मों को निर्धारित दरों पर फर्नीचर खरीदी और आपूर्ति के आदेश जारी किए गए थे। बाद में इस प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आए और वर्ष 2017 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बिना फर्नीचर सप्लाई किए हासिल किया सरकारी भुगतान

ACB की जांच के अनुसार, मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन द्वारा वास्तविक रूप से फर्नीचर की आपूर्ति किए बिना ही उसकी आपूर्ति दर्शाई गई। इसके बाद बिल प्रस्तुत कर शासकीय भुगतान प्राप्त किया गया।

जांच में इस अनियमित भुगतान से शासन को ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति होने की बात सामने आई है।

कमीशन देने का भी आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, भुगतान की गई राशि में से संजय पटेल द्वारा कथित रूप से अपना कमीशन रखने के बाद शेष रकम तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय को दिए जाने के संबंध में साक्ष्य मिले हैं।

दो महीने पहले जब्त किए गए थे दस्तावेज

गिरफ्तारी से पहले ACB की टीम ने करीब दो महीने पहले संबंधित कार्यालय पहुंचकर फर्नीचर खरीदी से जुड़े हार्ड दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।

इन दस्तावेजों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अब दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

6-7 अधिकारियों और 12 फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में

ACB की जांच अभी दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच में विभाग के करीब 6 से 7 अधिकारियों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। इसके अलावा फर्नीचर खरीदी और आपूर्ति प्रक्रिया में शामिल करीब 12 फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अन्य फर्मों ने वास्तव में कितना फर्नीचर सप्लाई किया, उनके नाम पर कितनी राशि का भुगतान हुआ और कथित कमीशन के रूप में कितनी रकम का लेन-देन किया गया।

2017 में दर्ज हुआ था मामला

फर्नीचर खरीदी में कथित गड़बड़ी को लेकर वर्ष 2017 में अपराध दर्ज किया गया था। करीब 15 साल पुराने इस मामले में दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड, फर्मों की भूमिका और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ACB ने अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।

जांच में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी), 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420 और 409 से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।

दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

19 अगस्त 2026 को ACB ने तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय और मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

जांच में 6-7 अधिकारियों और करीब 12 फर्मों की भूमिका भी सामने आने के बाद मामले की अगली दिशा अन्य आरोपियों और फर्मों के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर निर्भर करेगी।