January 16, 2026

आसाराम 13 साल बाद सूरत पहुंचा, आश्रम में अनुयायियों ने ढोल-नगाड़ों और दीपों से किया स्वागत

सूरत।
दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम शुक्रवार को करीब 13 साल बाद सूरत पहुंचे। सूरत आगमन पर उनके जहांगीरपुरा स्थित आश्रम में अनुयायियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। आश्रम और आसपास की सड़कों को रोशनी से सजाया गया था, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में दीपक लेकर दर्शन के लिए खड़े नजर आए।

आश्रम में उत्सव जैसा माहौल

आसाराम के पहुंचते ही आश्रम परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सड़कों पर रंगोली बनाई गई थी और हजारों की संख्या में अनुयायी दीप जलाकर उनका स्वागत करते दिखे। समर्थकों ने नारेबाजी भी की और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।

तीन दिन आयुर्वेदिक इलाज

सूत्रों के मुताबिक, आसाराम अगले तीन दिनों तक सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम में ही रहेंगे, जहां वे आयुर्वेदिक उपचार लेंगे। इस दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है।

स्वास्थ्य आधार पर सशर्त जमानत

गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों के चलते आसाराम को सशर्त जमानत दी है। इसी के तहत उन्हें इलाज के लिए आश्रम आने की अनुमति मिली है। हालांकि जमानत की शर्तों के अनुसार, वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रवचन में हिस्सा नहीं ले सकते।

सोशल मीडिया पर बहस

आसाराम के भव्य स्वागत को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी छिड़ गई है। कई लोग इसे कानून और संवेदनशील मामलों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनके समर्थक इसे श्रद्धा का प्रतीक बता रहे हैं।