
गरियाबंद जिले में स्वीकृत सैनिक स्कूल के लिए स्थल आबंटन की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजिम क्षेत्र में कथित रूप से गुपचुप तरीके से स्थल चयन की तैयारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ गई है।
इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक मुरलीधर सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि स्थल चयन की प्रक्रिया में न केवल पारदर्शिता का अभाव है, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी गुमराह किया जा रहा है।
मुरलीधर सिन्हा ने आरोप लगाया कि सैनिक स्कूल जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के लिए स्थल चयन में सभी संभावित क्षेत्रों पर समान रूप से विचार नहीं किया जा रहा है, जिससे जिले के अन्य हिस्सों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने मांग की कि स्थल चयन प्रक्रिया सार्वजनिक और निष्पक्ष हो तथा इसमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की सहमति सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मामले पर शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विवाद के चलते सैनिक स्कूल के स्थल चयन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।




