छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन 112वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जबकि अभ्यर्थी पिछले चार महीनों से धरने पर बैठे हैं।
अंबेडकर जयंती पर निकली संविधान रैली रोकी गई
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को डीएड अभ्यर्थियों ने संविधान रैली निकाली। अभ्यर्थी हाथों में संविधान की प्रति लेकर शिक्षा मंत्री के बंगले का शांतिपूर्ण घेराव करना चाहते थे।
हालांकि, पुलिस ने धरना स्थल के गेट पर बैरिकेड लगाकर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान अभ्यर्थियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
112 दिन से जारी है आमरण अनशन
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। वे लगातार मांग कर रहे हैं कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति दी जाए।
पिछले 112 दिनों से आमरण अनशन जारी रहने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
बार-बार आश्वासन, लेकिन समाधान नहीं
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई बार रैली, धरना और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें शासन तक पहुंचाई गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
उनका कहना है कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
डीएड अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार उनके प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है।
अभ्यर्थियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।
रायपुर में डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब लंबे संघर्ष का रूप ले चुका है। 112 दिन से जारी अनशन और बार-बार की रुकावटों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। समाधान न निकलने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।





