July 23, 2026

14 साल बाद छत्तीसगढ़ की बेटियों ने रचा इतिहास, जूनियर नेशनल बास्केटबॉल में जीता स्वर्ण पदक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जूनियर बालिका बास्केटबॉल टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 साल बाद नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। पुदुचेरी में आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने केरल को 55-51 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh ने खिलाड़ियों को बधाई दी है।

फाइनल में केरल को हराकर जीता खिताब
Basketball Federation of India द्वारा Puducherry Basketball Association के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने फाइनल में दमदार खेल दिखाया। टीम ने केरल को 55-51 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

दिव्या रंगारी रहीं जीत की सबसे बड़ी नायिका
फाइनल मुकाबले में दिव्या रंगारी ने सर्वाधिक 22 अंक जुटाए। कप्तान अंजली कोडापे ने 14 अंक बनाए, जबकि रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक का योगदान दिया। अदिति कोडापे ने 3 और सारा सिंह ने 2 अंक जोड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। सोफी सिका और नंदनी माधो प्रधान का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।

सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में भी दिखाया दम
फाइनल से पहले छत्तीसगढ़ की टीम ने सेमीफाइनल में कर्नाटक को 67-62 अंकों से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। वहीं क्वार्टर फाइनल में महाराष्ट्र को 56-44 अंकों से मात देकर टीम ने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी थी।

विवादों के बीच भी टीम ने दिलाया राष्ट्रीय गौरव
प्रदेश बास्केटबॉल संघ में चल रहे विवाद के कारण खिलाड़ियों के चयन के लिए बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने एक एड-हॉक कमेटी का गठन किया था। इसी समिति ने राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन कर टीम तैयार की, जिसने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया।

चार साल पहले मिला था रजत, अब जीता स्वर्ण
चार वर्ष पहले जूनियर बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ को रजत पदक मिला था, लेकिन इस बार टीम ने एक कदम आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर लिया। 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता को राज्य के खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।