रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने जल जीवन मिशन (हर घर नल) की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी जिला कलेक्टरों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, जिससे महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिलों को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह जिला स्तर पर जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य बाधित न हो, इसके लिए रनिंग बिलों का समय पर भुगतान किया जाए। साथ ही जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद एवं विधायक निधि, सीएसआर तथा अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों का उपयोग कर योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले को जल स्रोतों का आकलन करने, नए जल स्रोतों की पहचान, जल संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने की कार्रवाई शीघ्र करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता।
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजना-वार स्वीकृत राशि और व्यय का मिलान करने तथा वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिलों को गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत हर घर नल कवरेज का नया लक्ष्य तय करने, जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने और उसकी कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना, स्पष्ट आकलन और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य कर राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।





