March 3, 2026

अबूझमाड़ पीस मैराथन: 31 जनवरी को सजेगा शांति का कारवां, CM साय करेंगे फ्लैग-ऑफ, 6500+ धावक भरेंगे हुंकार

रायपुर। कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाने वाला अबूझमाड़ अब शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर अग्रसर है। दशकों तक माओवादी हिंसा और भय के साये में रहे इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इन प्रयासों का प्रतीक बनकर अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 आयोजित की गई।

नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह शांति, एकता और सौहार्द का संदेश फैलाने वाला अभियान भी है। लंबे समय तक विकास और सरकारी योजनाओं से वंचित क्षेत्रों तक यह सकारात्मक संदेश पहुंचा रहा है। अबूझमाड़िया जनजाति और स्थानीय समुदाय की भागीदारी इसे और प्रभावशाली बना रही है।

31 जनवरी की सुबह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं मैराथन में शामिल होंगे। कार्यक्रम जुंबा गतिविधि के साथ शुरू होगा और प्रातः 6.30 बजे मुख्यमंत्री द्वारा मैराथन को फ्लैग-ऑफ किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर वहां के बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे। उनकी उपस्थिति यह संदेश देती है कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास और शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

इस आयोजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहभागिता देखी गई है। कुल 6500 से अधिक धावकों ने पंजीकरण कराया, जिसमें शामिल हैं:

  • 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावक
  • 500 अन्य राज्यों से
  • लगभग 6000 छत्तीसगढ़ राज्य से
  • 4000 से अधिक नारायणपुर जिले के स्थानीय धावक
  • क्वाड रन में 12 धावक

अबूझमाड़ पीस मैराथन न केवल युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ रही है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति व विकास का नया युग शुरू करने का प्रतीक भी बन रही है।