March 5, 2026

अबूझमाड़ से शांति और विकास का संदेश: पीस हाफ मैराथन 2026 में दौड़े मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का मजबूत संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित इस मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी सांकेतिक रूप से दौड़ लगाई। इस अवसर पर उन्होंने विजयी प्रतिभागियों को दिए जाने वाले पदकों का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का सशक्त संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही क्षेत्र है, जहां कभी आम नागरिकों और सुरक्षा बलों की पहुंच भी कठिन थी, लेकिन आज सकारात्मक माहौल के चलते हजारों लोग एक साथ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवाओं का जोश और उत्साह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र जल्द ही खुशहाली की राह पर अग्रसर होगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस परिवर्तन को डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर को लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे इस क्षेत्र में अब विकास की गंगा निरंतर बहेगी और सम्पूर्ण बस्तर व छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 21 किलोमीटर लंबी इस हाफ मैराथन का आयोजन नारायणपुर से बासिंग तक किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित 10 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। मैराथन से पहले हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्म-अप कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में भाग लिया। स्थानीय अबूझमाड़िया जनजाति सहित आम नागरिकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, पद्मश्री वैद्यराज हेमचंद मांझी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।