January 16, 2026

श्रम विभाग की 2 साल की उपलब्धियां: 11.40 लाख श्रमिक पंजीकृत, 804.77 करोड़ का लाभ – श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार को प्रेस वार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों और पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अंतर्गत विभिन्न मंडलों द्वारा कुल 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें 9.40 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।

71 योजनाओं से 29.55 लाख श्रमिक लाभान्वित

श्रम मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से बीते दो वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।

  • निर्माण श्रमिक: 28,49,167 लाभार्थी – 653.75 करोड़ रुपये
  • असंगठित श्रमिक: 91,595 लाभार्थी – 143.77 करोड़ रुपये
  • संगठित श्रमिक: 14,592 लाभार्थी – 7.24 करोड़ रुपये

सभी लाभ डीबीटी प्रणाली के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित किए जा रहे हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत स्वचलित निरीक्षण

मंत्री देवांगन ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के अंतर्गत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है।
बीते दो वर्षों में 2218 निरीक्षण किए गए, जिनमें नियम उल्लंघन पर 666 प्रकरणों में श्रम न्यायालय में अभियोजन दायर किया गया और 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।

ईएसआई कवरेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है।
राज्य में रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तर वाले अस्पताल संचालित हैं, जबकि बिलासपुर में नया अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 43 ईएसआई औषधालय संचालित हैं और 4 नए औषधालय खोलने की कार्रवाई प्रगतिरत है।

श्रम सुधार और नए प्रावधान

मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की अनुशंसा के अनुरूप 17 बिजनेस रिफॉर्म्स राज्य में लागू किए जा चुके हैं।
छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए दुकान एवं स्थापना अधिनियम को अब 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।
नई श्रेणी “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” लागू कर उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं के सशर्त नियोजन की अनुमति दी गई है और कारखाना लाइसेंस की अवधि 15 वर्ष कर दी गई है।

नई श्रम संहिताएं और आगामी कार्ययोजना

उन्होंने बताया कि 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर लागू 4 नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है।
इनसे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, महिला श्रमिकों को सभी क्षेत्रों में कार्य का अधिकार और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभ मिलेंगे।

आगामी योजनाओं में:

  • दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर लागू करने का प्रस्ताव
  • रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के ईएसआई औषधालयों को मॉडल औषधालय बनाना
  • निर्माण श्रमिकों के लिए पृथक स्वास्थ्य परीक्षण योजना
  • श्रमिक बच्चों के लिए “अटल कैरियर निर्माण योजना”
  • शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का सभी जिलों में विस्तार
  • शिकायत निवारण के लिए एआई आधारित प्रणाली और मैसेजिंग सुविधा लागू करना शामिल है।