January 16, 2026

AI के दुरुपयोग पर बोलीं भारतीय महिला क्रिकेटर प्रतिका रावल, GROK AI को किया टैग, जवाब बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उभरती हुई बल्लेबाज़ प्रतिका रावल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका बल्ला नहीं बल्कि AI के दुरुपयोग के खिलाफ उठाई गई आवाज़ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिका ने GROK AI को सीधे टैग करते हुए अपनी नाराज़गी जाहिर की, जिसके बाद AI की ओर से आया जवाब भी चर्चा का विषय बन गया।


AI के गलत इस्तेमाल पर फूटा प्रतिका का गुस्सा

हाल के दिनों में प्रतिका रावल की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इन तस्वीरों को लेकर AI तकनीक के जरिए छेड़छाड़ और गलत इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही थी। इससे आहत होकर प्रतिका ने X पर एक सख्त पोस्ट साझा की।

अपने पोस्ट में प्रतिका ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति की तस्वीरों का AI के माध्यम से बिना अनुमति इस्तेमाल उसकी निजता का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ी होने का मतलब यह नहीं कि उनकी निजी गरिमा और अधिकारों को नजरअंदाज किया जाए


GROK का जवाब बना चर्चा का विषय

प्रतिका की इस पोस्ट पर GROK AI की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई, जिसने सोशल मीडिया यूज़र्स का ध्यान खींच लिया। GROK ने अपने कमेंट में लिखा कि वह प्रतिका रावल की निजता का पूरा सम्मान करता है और उनकी स्पष्ट अनुमति के बिना उनकी किसी भी तस्वीर का इस्तेमाल या एडिट नहीं करेगा

GROK ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह का कोई अनुरोध आता है, तो उसे सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा। इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर AI की जवाबदेही और डिजिटल नैतिकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


सोशल मीडिया पर मिला समर्थन

प्रतिका रावल के इस कदम को सोशल मीडिया पर कई खिलाड़ियों, महिला अधिकार संगठनों और आम यूज़र्स का समर्थन मिला है। लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की डिजिटल सुरक्षा और निजता से जुड़ा सवाल है।


क्यों अहम है यह मामला?

  • AI तकनीक के गलत इस्तेमाल पर एक खिलाड़ी की खुली प्रतिक्रिया
  • महिला खिलाड़ियों की डिजिटल सुरक्षा और निजता का मुद्दा
  • AI प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और नैतिक सीमाओं पर नई बहस

निष्कर्ष

प्रतिका रावल की यह पहल न सिर्फ खेल जगत बल्कि टेक्नोलॉजी और समाज के लिए भी एक अहम संदेश देती है कि AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।