May 14, 2026

कुलपति नियुक्ति पर विधानसभा में उठा सवाल, अजय चंद्राकर बोले– क्या छत्तीसगढ़ में मेधा नहीं है?

कुलपति नियुक्ति को लेकर विधानसभा में सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर विधानसभा में सवाल उठने लगे हैं। पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि क्या प्रदेश में योग्य और प्रतिभाशाली लोगों की कमी है, जो अधिकांश विश्वविद्यालयों में बाहर के लोगों को कुलपति बनाया जा रहा है।

अधिकांश कुलपति बाहरी राज्यों से – चंद्राकर
रायपुर। प्रश्नकाल के दौरान अजय चंद्राकर ने उच्च शिक्षा मंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में बाहरी राज्यों के व्यक्तियों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा, “अम्बिकापुर, दुर्ग और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को छोड़ दें तो आपने जितने कुलपति नियुक्त किए हैं, उनमें एक भी व्यक्ति छत्तीसगढ़ का नहीं है। क्या छत्तीसगढ़ में मेधा नहीं है? क्या आपका दबाव नहीं है?”

प्रदेश में योग्य शिक्षाविदों की कमी नहीं
रायपुर। अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पढ़े-लिखे और योग्य अकादमिक लोगों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे विद्वान और शिक्षाविद हैं, जिनके शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे दस नाम अभी बता सकता हूं, जिनके शोध पत्र कई प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।”

स्थानीयता के मुद्दे पर भी उठाया सवाल
रायपुर। चंद्राकर ने यह भी कहा कि प्रदेश में चुनावों के दौरान अक्सर छत्तीसगढ़िया और स्थानीयता के मुद्दे पर राजनीति होती है, लेकिन जब विश्वविद्यालयों जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में शीर्ष पदों पर नियुक्ति की बात आती है तो स्थानीय लोगों को मौका नहीं दिया जाता।

स्थानीय बनाम बाहरी को लेकर छिड़ सकती है बहस
रायपुर। गौरतलब है कि प्रदेश के अधिकांश शासकीय विश्वविद्यालयों में पिछले कुछ वर्षों से अन्य राज्यों के शिक्षाविदों को कुलपति नियुक्त किए जाने का सिलसिला जारी है। इस विषय पर स्थानीय शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों के बीच समय-समय पर चर्चा भी होती रही है। अजय चंद्राकर के इस बयान के बाद प्रदेश में कुलपति नियुक्ति प्रक्रिया और स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवारों को लेकर नई बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है।