रायपुर। आदिवासी कांग्रेस की आज होने वाली बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के शामिल होने को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विक्रांत भूरिया को मध्यप्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनानी चाहिए। छत्तीसगढ़ में पहले से कई स्थापित आदिवासी नेता हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनका छत्तीसगढ़ आना ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है’ जैसा है।
जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर भी साधा निशाना
जल-जंगल-जमीन को खतरा बताए जाने के सवाल पर अजय चंद्राकर ने कहा कि सब सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पहले यह बताया जाए कि जल, जंगल और जमीन को किस तरह का खतरा है। यदि राजनीतिक तरीके से बात करने के बजाय सही कारण बताए जाएंगे तो इस मुद्दे पर बहस की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बस्तरवासी अब स्वाभाविक जीवन जी रहे हैं, तो कांग्रेस को इसमें भी दिक्कत हो रही है।
कांग्रेस की ट्रेनिंग को बताया ‘हार का मॉडल’
कांग्रेस में जिला अध्यक्षों के बाद ब्लॉक अध्यक्षों की ट्रेनिंग को लेकर भी चंद्राकर ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग देने वाले अपने-अपने क्षेत्रों में ‘फ्लॉप शो’ वाले हैं। जब कोई सफलता का मॉडल नहीं है तो उनसे ट्रेनिंग लेने का क्या मतलब है।
उन्होंने राहुल गांधी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी कर्नाटक में जिनका विरोध करते हैं, उन्हीं से बंद कमरे में मुलाकात करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यह कौन सा मॉडल है। चंद्राकर ने कांग्रेस की ट्रेनिंग को ‘हार का मॉडल’ करार दिया।
शक्कर के दाम पर कांग्रेस के पोस्टर पर भी पलटवार
शक्कर के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा पर ‘डायबिटीज मुक्त भारत योजना’ बनाने के आरोप पर अजय चंद्राकर ने कहा कि परिस्थितियां सबके सामने हैं और सरकार कीमतों पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं को मनुस्मृति पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि राहुल गांधी का ध्यान मनुस्मृति में है, तथाकथित महंगाई में नहीं। उन्होंने कहा कि सनातन के मुख्य ग्रंथों को पढ़ेंगे तो बातों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करेंगे।
भोजराज नाग के नींबू वाले बयान पर बोले- अपनी आस्था है, करने दो
महतारी वंदन की राशि जारी करने के दौरान बारिश को लेकर सांसद भोजराज नाग के नींबू काटने वाले वायरल बयान पर चंद्राकर ने कहा कि सावन महीने में हरेली के दौरान तंत्र-मंत्र जैसी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इसे अंधविश्वास भी कहा जा सकता है और अपनी-अपनी आस्था भी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिलासपुर के संदर्भ में जो किया गया, वह किसी व्यक्ति के विनाश के लिए नहीं था। सांसद ने कहा था कि बूढ़ादेव और महादेव के पास नींबू काटने से आयोजन के दौरान बारिश नहीं हुई।
एयरपोर्ट निजीकरण पर कांग्रेस से पूछा सवाल
रायपुर समेत देश के 11 एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासनकाल में कितना निजीकरण हुआ और देश में निजीकरण की शुरुआत किसने की।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस जिस सिद्धांत का विरोध कर रही है, उसके प्रणेता मनमोहन सिंह रहे हैं। चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस का यही ‘मतिभ्रम’ उसके विनाश का कारण है।





