अंबिकापुर। अंबिकापुर जिले में राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पटवारियों का तबादला किया गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ 83 पटवारियों को इधर से उधर किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर अजित वसंत ने आदेश जारी कर विशेष रूप से शहर क्षेत्र में वर्षों से जमे पटवारियों को ग्रामीण इलाकों में नई जिम्मेदारी सौंपी है।
यह तबादला सूची प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से जारी की गई है।
लंबे समय से एक ही स्थान पर थे पदस्थ
जानकारी के मुताबिक, जिले में कई पटवारी वर्षों से शहरी क्षेत्रों में कार्यरत थे। इससे कार्यप्रणाली पर असर पड़ने और कुछ स्थानों पर राजस्व कार्यों में सुस्ती की शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों और आंतरिक समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने व्यापक मूल्यांकन कर यह निर्णय लिया।
प्रशासन का मानना है कि नियमित अंतराल पर स्थानांतरण से न केवल कार्य संस्कृति में सुधार होता है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेगी नई गति
तबादले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेख, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि नए स्थान पर पदस्थापना से पटवारी तंत्र में संतुलन बनेगा और आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।
शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को जिले में राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





