July 23, 2026

अंबिकापुर में अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का ट्रायल शुरू, भोपाल की वैज्ञानिक टीम कर रही निगरानी

अंबिकापुर। मध्यप्रदेश में विकसित अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का परीक्षण अंबिकापुर के शासकीय पिग फार्म में किया जा रहा है। वैक्सीन ट्रायल के तहत भोपाल से वैज्ञानिकों की टीम बुधवार को फार्म पहुंची और सूअरों को बूस्टर डोज देने के साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति का निरीक्षण किया।

फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन का परीक्षण मार्च 2026 से शुरू किया गया है। यह ट्रायल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल के निर्देशन में संचालित हो रहा है। वैज्ञानिकों की टीम समय-समय पर फार्म का दौरा कर परीक्षण की प्रगति का मूल्यांकन कर रही है।

सूअरों के लिए बेहद घातक बीमारी

विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक अत्यंत खतरनाक वायरल रोग है, जो घरेलू और जंगली दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित करता है। इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है और वर्तमान में इसका कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है।

साकलो पिग फार्म का हुआ चयन

भारत सरकार ने अंबिकापुर के साकलो स्थित शासकीय सुअर फार्म को वैक्सीन ट्रायल के लिए चयनित किया है। वर्तमान में भारत सहित दुनिया के अधिकांश देशों में ASF की पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

सफल ट्रायल से मिलेगा बड़ा लाभ

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रायल के दौरान सभी वैज्ञानिक मानकों और जैव-सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा है। वैक्सीन परीक्षण सफल होने पर देश और विदेश के सूकर पालकों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा बीमारी से होने वाली पशु मृत्यु और आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।