रायपुर। कबीरधाम जिले के धान संग्रहण केंद्रों से करीब 7 करोड़ रुपये के 26 हजार क्विंटल धान के गायब होने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़–जोगी (JCCJ) ने इसे लेकर भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम तेज कर दी है।
इसी कड़ी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी कबीरधाम के बाजार चारभाठा धान संग्रहण केंद्र पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से “चूहों (मुसवा) की तलाश” की। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि केंद्र में एक भी चूहा नहीं मिला।
🗣️ अमित जोगी का हमला
अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा—
“चप्पा-चप्पा छानने के बाद भी एक भी मुसवा नहीं मिला। मिलेगा भी कैसे? धान खाने वाले असली मुसवे तो सरकार में बैठे हैं—VIP मुसवे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि धान की कमी के पीछे गबन और कमीशनखोरी है, न कि चूहे।
📉 क्या है पूरा मामला?
- कबीरधाम जिले के बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में
- 26,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई
- अनुमानित नुकसान: करीब 7 करोड़ रुपये
जिला विपणन अधिकारी (DMO) ने दावा किया था कि धान खुले में रखने के कारण मौसम, चूहे, दीमक और कीटों से खराब हुआ।
🐭 ‘वांटेड चूहे’ पोस्टर, जांच की मांग
DMO के बयान के बाद JCCJ ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए
- ‘चूहा पकड़ो अभियान’ शुरू किया
- ‘वांटेड चूहे’ के पोस्टर लगाए
- घोटाले के जिम्मेदार अधिकारियों और “बड़े लोगों” की पहचान की मांग की
⚖️ प्रशासन की कार्रवाई
मामले में बढ़ते दबाव के बीच जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए—
- संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय निलंबित
- DMO अभिषेक मिश्रा को कारण बताओ नोटिस
- पूरे प्रकरण की जांच के लिए जांच समिति गठित
🔍 निष्कर्ष
धान की भारी कमी को लेकर प्रशासनिक लापरवाही या घोटाले की आशंका गहराती जा रही है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि धान चूहों ने खाया या सिस्टम के ‘VIP मुसवों’ ने।





