May 18, 2026

Conversion Bill Protest: अमित जोगी ने धर्मांतरण विधेयक का किया विरोध, प्रति जलाकर जताई आपत्ति

रायपुर: Janata Congress Chhattisgarh (J) के प्रदेश अध्यक्ष Amit Jogi ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित धर्मांतरण कानून का कड़ा विरोध करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने विधेयक की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

अमित जोगी ने इस विधेयक को लोगों की आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र लंबे समय से चल रहा था, ऐसे में सरकार को यदि कानून लाना ही था तो शुरुआत में लाना चाहिए था, ताकि इस पर विस्तृत चर्चा हो पाती।

“सरकार की घबराहट का संकेत”

अमित जोगी ने आरोप लगाया कि अंतिम दिन विधेयक लाना सरकार की घबराहट और डर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कानून विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारों का उल्लंघन करता है और आस्था पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास है।

प्रलोभन की परिभाषा पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि विधेयक में “प्रलोभन” की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बना दिया गया है, जिसमें सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी शामिल कर दी गई हैं।

अमित जोगी के अनुसार, इस कानून में धार्मिक प्रचार को अपराध की श्रेणी में लाया गया है और कलेक्टर को धर्म से जुड़े मामलों में “द्वारपाल” बना दिया गया है, जिससे लोगों को अपने धार्मिक कार्यों के लिए प्रशासनिक अनुमति लेनी पड़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का हवाला

उन्होंने कहा कि ऐसे कानून देश के कई राज्यों में लाए गए हैं और इस विषय पर मामला Supreme Court of India में लंबित है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा जल्दबाजी में विधेयक लाना उचित नहीं है।

राज्यपाल से की अपील

अमित जोगी ने राज्यपाल से Article 200 of Indian Constitution के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए विधेयक को वापस भेजने और इसे लागू होने से रोकने की अपील की।

ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने धर्मांतरण विधेयक की प्रति जलाकर विरोध जताया और चेतावनी दी कि इसके राजनीतिक परिणाम भी सामने आएंगे।