July 23, 2026

कुटेला में अवैध रेत भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, सैकड़ों ट्रैक्टर रेत जब्त

आरंग। रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र स्थित कुटेला गांव में ऐतिहासिक तालाब को पाटकर किए गए कथित अवैध रेत भंडारण के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कुटेला समेत आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर सैकड़ों ट्रैक्टर रेत जब्त की है। साथ ही मामले से जुड़े आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

ग्रामीणों की शिकायत और मामले के सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। उप संचालक खनिज प्रशासन राजेश मालवे के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने समोदा, कुरूद, मोहमेला और कुटेला क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया।

कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, स्थानीय पटवारी और कोटवार शामिल रहे। इस दौरान ग्राम सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।

तालाब क्षेत्र में मिला अवैध रेत का भंडारण

जांच के दौरान ग्राम कुटेला-चिखली मुख्य मार्ग के किनारे शासकीय भूमि और प्रस्तावित तालाब क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रेत को जब्त कर लिया।

प्रशासन के अनुसार बिना अनुमति किए गए इस भंडारण से पर्यावरण और शासकीय भूमि दोनों को नुकसान पहुंचा है।

जेसीबी से तोड़ा गया अवैध मार्ग

रेत डंपिंग स्थल तक भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बनाए गए कथित अवैध मार्ग को भी प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

तीन वाहन जब्त, आरोपियों को नोटिस

कार्रवाई के दौरान अवैध रेत परिवहन में संलिप्त तीन भारी वाहनों को भी जब्त किया गया। सुरक्षा कारणों से इन वाहनों को आरंग थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है।

मामले में लौह चंद्राकर, पवन चंद्राकर, हेमंत चंद्राकर और रघु चंद्राकर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

खान एवं खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई

खनिज विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

ग्रामीणों ने जताई संतुष्टि

गांव के लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किए जाने तक वे मामले पर नजर बनाए रखेंगे।

प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन और रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।