September 4, 2026

CG News: महानदी में रेत खनन की नई खदान का विरोध, जनसुनवाई में ग्रामीणों का फूटा आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी

आरंग। जीवनदायिनी महानदी में लगातार हो रहे रेत दोहन को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आरंग तहसील के ग्राम कुरूद में महानदी के खसरा नंबर 2742 के 10 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित रेत खनन को लेकर आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित रेत खदान के लिए NOC जारी की गई, तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेंगे।

रेत खनन से जलस्तर गिरने का दावा

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे अनियंत्रित रेत खनन से पर्यावरण और जलस्तर पर गंभीर असर पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, जहां पहले करीब 30 फीट की गहराई पर पानी उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब जलस्तर 150 फीट तक नीचे चला गया है।

पानी की कमी का असर खेती पर भी पड़ने का दावा किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले एक बोरवेल के सहारे करीब 10 एकड़ में धान की खेती हो जाती थी, लेकिन अब पानी की कमी के चलते यह क्षेत्र घटकर लगभग 6 एकड़ रह गया है।

नदी कटाव से पेड़ों को नुकसान

ग्रामीणों ने महानदी के लगातार कटाव को लेकर भी चिंता जताई। उनका दावा है कि 66 एकड़ क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण के करीब 1,000 पेड़ नदी के कटाव की वजह से बह गए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि रेत खनन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में पर्यावरणीय संकट और गहरा सकता है।

स्कूल के पास से गुजरते हैं ओवरलोड हाईवा

ग्रामीणों ने खनन क्षेत्र से जुड़े यातायात को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि खदान के सामने स्थित स्कूल के पास से रेत से लदे भारी और ओवरलोड हाईवा गुजरते हैं। इससे सड़क पर धूल उड़ने के साथ ही स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खदानों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहरी राज्यों से आए मजदूरों से काम कराया जा रहा है।

अवैध खनन को लेकर भी उठे सवाल

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध खनन और रेत भंडारण को लेकर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत के कारोबार को लेकर क्षेत्र में पहले भी विवाद और हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विरोध करने वाले ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों पर हमले का भी आरोप लगाया गया।

ग्रामीणों ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित है।

मौजूदा घाट बंद करने और नई खदान निरस्त करने की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान में संचालित रेत घाट को तत्काल बंद किया जाए और कुरूद में प्रस्तावित नई खदान की स्वीकृति प्रक्रिया को निरस्त किया जाए। उनका कहना है कि महानदी के संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी की गई तो पूरे क्षेत्र के लोग एकजुट होकर व्यापक आंदोलन करेंगे।

जनसुनवाई समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अधिकारियों ने उनकी आपत्तियों पर कोई स्पष्ट आश्वासन दिए बिना जनसुनवाई समाप्त कर दी।