आरंग: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ आरंग ब्लॉक के ग्राम पंचायत देवरी में भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों का शिकार होती नजर आ रही है। ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ₹1 करोड़ 04 लाख 28 हजार की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।
🚱 लीकेज से बर्बाद हो रहा पानी, सप्लाई ठप
घटिया निर्माण और लापरवाही के चलते योजना दम तोड़ रही है। नवनिर्मित पानी टंकी से लगातार रिसाव हो रहा है। वहीं पाइपलाइन जगह-जगह से फूट चुकी है, जिससे लाखों लीटर पानी गलियों में बह रहा है।
इन्हीं खामियों के चलते बीते 10 से 15 दिनों से गांव की जलापूर्ति पूरी तरह बंद है और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं।
⚠️ सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां
योजना में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है।
- अब तक पंप हाउस का निर्माण नहीं हुआ।
- बिजली के तार खुले पड़े हैं।
- टंकी परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं है।
इससे बच्चों और मवेशियों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
🚫 ‘हर घर जल’ सिर्फ कागजों में
प्रशासन भले ही ‘हर घर जल’ का दावा कर रहा हो, लेकिन ग्राम देवरी के कई वार्डों तक पाइपलाइन पहुंची ही नहीं है।
ग्राम पंचायत देवरी के सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद साहू ने कहा,
“शिकायत के बाद भी न विभाग सुन रहा है न ठेकेदार। करोड़ों खर्च होने के बाद भी हमें दूर से पानी लाना पड़ रहा है। जल्द सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।”
🧐 हैंडओवर नहीं, फिर भी कागजों में पूरा काम!
हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य में इतनी खामियां हैं कि अब तक इसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं किया गया, फिर भी कागजों में कार्य पूर्ण बताया जा रहा है। तकनीकी रूप से अधूरे काम को कैसे पास किया गया, यह जांच का विषय बन गया है।
🛠️ ठेकेदार और विभाग का जवाब
मामले पर ठेकेदार संजय कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजकर टंकी और पाइप मरम्मत कराने की बात कही है। वहीं पीएचई विभाग की उप अभियंता रानू दिनकर ने तकनीकी कारणों से हैंडओवर नहीं होने की बात कही, लेकिन अधिक जानकारी देने से इंकार कर दिया।
🔎 ग्रामीणों की मांग – उच्च स्तरीय जांच हो
लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





