आरंग। राजधानी रायपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर नगर पालिका आरंग के वार्ड क्रमांक 7 में कई गरीब परिवार जर्जर मिट्टी के मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश के कारण कच्ची दीवारें लगातार कमजोर हो रही हैं, जिससे इन परिवारों पर हादसे का खतरा मंडरा रहा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा, जबकि मंदिर के आसपास अन्य लोगों के पक्के मकान बन चुके हैं।
भांडदेवल मंदिर के 100 मीटर दायरे का हवाला
स्थानीय निवासी लाता निर्मलकर, नंदनी जलक्षत्री, डिगम पटेल सहित अन्य लोगों का कहना है कि उनके मकान ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक जैन तीर्थंकर मंदिर यानी भांडदेवल मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर हैं। नगर पालिका और प्रशासन की ओर से उन्हें पुरातात्विक संरक्षण नियमों का हवाला देकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है।
पीड़ितों का सवाल है कि यदि मंदिर के आसपास पक्के मकानों का निर्माण हो सकता है तो उनके आवास पर ही नियमों की सख्ती क्यों लागू की जा रही है।
8 साल से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
पीड़ित परिवारों के मुताबिक, मंदिर के आसपास करीब 25 से 30 परिवार ऐसे हैं, जो लंबे समय से पक्के मकान की मांग कर रहे हैं। पिछले करीब 8 वर्षों में वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। जनदर्शन कार्यक्रमों में भी अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली।
परिवारों का कहना है कि कच्चे मकानों की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दौरान दीवार गिरने का डर बना रहता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, इसे लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
चुनावी वादों को लेकर भी सवाल
पीड़ितों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान पक्के मकान उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पीड़ितों ने उठाए कई सवाल
परिवारों ने सवाल उठाया कि यदि भांडदेवल मंदिर से सटे इलाकों में पक्के मकान बन सकते हैं तो 100 मीटर दूर रहने वाले गरीब परिवारों को आवास योजना से क्यों वंचित किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि पुरातत्व विभाग और नगर पालिका के नियम सभी लोगों के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए।
CMO बोले- पात्र परिवारों को नहीं होने देंगे वंचित
आरंग नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम संजीवन सोनवानी ने कहा कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि वैध दस्तावेज होने के बावजूद हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
सीएमओ ने यह भी कहा कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सके।





