September 4, 2026

आरंग में 54 एकड़ सरकारी जमीन आवंटन का विरोध, ग्रामीणों का अल्टीमेटम; 15 अगस्त से चक्काजाम की चेतावनी

आरंग। ग्राम पंचायत रसनी में ग्राम सभा के निर्णय के बावजूद करीब 22 हेक्टेयर (54 एकड़) शासकीय बहुउद्देश्यीय भूमि को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को सौंपने की प्रशासनिक प्रक्रिया के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश है। जिला पंचायत रायपुर के सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आरंग थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन की प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त की सुबह तक भूमि आवंटन पर रोक लगाने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया तो स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही सुबह 9 बजे से नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

ग्राम सभा ने उद्योग के लिए जमीन देने से किया था इनकार

मामला तहसीलदार आरंग द्वारा शासकीय भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए हस्तांतरित करने को लेकर मांगे गए अभिमत से जुड़ा है। संबंधित जमीन में खसरा नंबर 15, 16, 17, 33, 36, 37, 38, 50, 54, 57, 58, 248 और 250 शामिल हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत रसनी में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से उद्योग विभाग को जमीन सौंपने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने से ग्रामीण नाराज हैं।

गांव के विकास के लिए आरक्षित है जमीन

जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर का कहना है कि यह भूमि गांव के भविष्य और सार्वजनिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों के अनुसार इस जमीन पर भविष्य में कई जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इनमें सार्वजनिक खेल मैदान, धान खरीदी केंद्र, आबादी विस्तार, गोठान, चारागाह और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं।

उद्योग के लिए जमीन देने का विरोध

वतन चंद्राकर ने कहा कि यह जमीन उद्योगपतियों को देने के लिए नहीं बल्कि गांव के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए सुरक्षित रखी गई है। ग्रामीणों के हितों की अनदेखी कर उद्योग स्थापित करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

15 अगस्त तक का अल्टीमेटम

ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि 15 अगस्त की सुबह तक भूमि आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश जारी किया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करते हुए सुबह 9 बजे से नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने की चेतावनी दी गई है।

ग्रामीणों ने कहा है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए शासन और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा।