September 4, 2026

आरंग में 54 एकड़ सरकारी जमीन के आवंटन का विरोध, 15 अगस्त का चक्काजाम 10 दिन के लिए टला

आरंग। ग्राम पंचायत रसनी की 54 एकड़ बहुउद्देश्यीय शासकीय भूमि को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को सौंपने के विरोध में ग्रामीणों ने 15 अगस्त को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन नेशनल हाईवे चक्काजाम फिलहाल 10 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन टालने का निर्णय लिया।

आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा के नेतृत्व में हुई बैठक में पुलिस, उद्योग विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर भूमि आवंटन को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा बेमियादी चक्काजाम शुरू करेंगे।

ग्राम सभा के फैसले की अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक, रसनी की शासकीय भूमि के कुछ खसरों को औद्योगिक प्रयोजन के लिए हस्तांतरित करने का प्रस्ताव सामने आया था। इसके विरोध में ग्राम पंचायत ने विशेष ग्राम सभा आयोजित कर उद्योग विभाग को जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा के विरोध के बावजूद प्रशासन जमीन को औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि यह भूमि गांव की भविष्य की जरूरतों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

स्कूल, अस्पताल और खेल मैदान के लिए जमीन बचाने की मांग

रायपुर जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर ने भूमि आवंटन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 54 एकड़ जमीन गांव के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस भूमि का उपयोग स्कूल, अस्पताल, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में किया जा सकता है। ऐसे में ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

10 दिन की मोहलत, समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन

ग्रामीणों ने इससे पहले 15 अगस्त को सुबह 9 बजे से नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल प्रशासन से हुई बातचीत के बाद आंदोलन 10 दिनों के लिए टाल दिया गया है।

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि इस अवधि में यदि जमीन आवंटन को लेकर शासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगे और बेमियादी चक्काजाम करेंगे।