July 29, 2026

अरुण देव गौतम बने छत्तीसगढ़ के नए पूर्णकालिक DGP

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को राज्य का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। गृह (पुलिस) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम अब तक प्रभारी डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए गठित पैनल की अनुशंसा के बाद राज्य शासन ने उन्हें नियमित रूप से डीजीपी पद पर पदस्थ किया है। अरुण देव गौतम को प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव के लिहाज से प्रदेश के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।

किसान परिवार से निकलकर बने IPS

अरुण देव गौतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के निवासी हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद आगे की शिक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे, जहां राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।

उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और राजनीति शास्त्र में एमए किया। बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। यूपीएससी परीक्षा में पहली बार असफल होने के बाद उन्होंने दोबारा तैयारी की और दूसरी कोशिश में सफलता हासिल कर 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी बने।

कई अहम पदों पर निभा चुके जिम्मेदारी

12 अक्टूबर 1992 को आईपीएस सेवा जॉइन करने वाले अरुण देव गौतम को शुरुआत में मध्यप्रदेश कैडर आवंटित हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई। इसके बाद वे बिलासपुर में सीएसपी, कवर्धा में एसडीओपी और भोपाल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर रहे।

वे मध्यप्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रह चुके हैं। एसपी के रूप में उनका पहला जिला राजगढ़ था। लंबे प्रशासनिक अनुभव और पुलिसिंग में दक्षता के चलते उन्हें अब छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान सौंपी गई है।