July 23, 2026

नकटी अतिक्रमण विवाद पर गरमाई सियासत, भूपेश के आरोपों पर अरुण साव का पलटवार

रायपुर। नकटी गांव में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी की चिंता करे और भाजपा नेताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश न करे।

मंगलवार को मीडिया से चर्चा के दौरान अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल भाजपा नेताओं को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

इससे पहले भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि लोगों को पहले यह जानकारी नहीं थी कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल और मुख्यमंत्री के बीच अनबन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर लोग ओपी चौधरी के घर गए होते तो उनके मकान नहीं टूटते, लेकिन लोग बृजमोहन अग्रवाल के घर गए, इसलिए अगले ही दिन उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।

खिलाड़ियों के सम्मान पर होगी अहम बैठक

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के अलंकरण, खेलों के विकास और खिलाड़ियों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

धर्मांतरण पर जागरूक रहने की अपील

छत्तीसगढ़ साहू समाज की बैठक में शामिल होने के बाद अरुण साव ने कहा कि समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में धर्मांतरण के मुद्दे पर समाज को जागरूक और सजग रहने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर साधा निशाना

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के बाद पार्टी के आक्रामक रुख अपनाने संबंधी सवाल पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर नहीं, बल्कि अपने नेताओं के बीच संघर्ष में अधिक व्यस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अगर आक्रामक होगी तो वह अपने ही नेताओं के खिलाफ होगी और केवल प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने से उसकी स्थिति नहीं बदलेगी।

नई ग्रामीण विकास व्यवस्था का किया समर्थन

ग्रामीण विकास से जुड़ी नई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के सवालों पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस हर राष्ट्रीय निर्णय का विरोध करने की आदत बना चुकी है। उन्होंने दावा किया कि नई व्यवस्था वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार मिलेगा, ग्राम पंचायतों के अधिकार बढ़ेंगे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्य कराए जा सकेंगे। साथ ही पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है।