May 19, 2026

नक्सल प्रभावित गांव का बेटा बना SI, ललित गावड़े की सफलता से बालोद में जश्न

बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के छोटे से गांव पेवारी में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब गांव के बेटे ललित गावड़े ने सब-इंस्पेक्टर (SI) की ट्रेनिंग पूरी कर घर वापसी की। 35 घरों वाले इस छोटे से गांव में ललित की उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है।

कुछ साल पहले तक यह गांव नक्सलियों की दहशत के लिए जाना जाता था। यहां नक्सलियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण भय में जीवन जीते थे और एक बार गांव में बम भी प्लांट किया गया था, जिसे सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय किया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और युवा शिक्षा व करियर की ओर बढ़ रहे हैं।

ललित गावड़े की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। वे एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता मजदूरी कर उन्हें पढ़ाते रहे। तीन बहनों और एक भाई के बीच पले-बढ़े ललित ने शुरुआती पढ़ाई गांव में की, फिर आगे की पढ़ाई कांकेर और बाद में रायपुर में पूरी की। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी हिम्मत नहीं हारी और बेटे को अफसर बनाने का सपना पूरा किया।

ललित की मां रुपई बाई ने खुशी जताते हुए कहा कि उनके बेटे ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि गरीबी के बावजूद उन्होंने बेटे की हर जरूरत पूरी करने की कोशिश की और आज उसकी मेहनत रंग लाई है।

ललित के छोटे भाई अमर सिंह गावड़े भी अपने बड़े भाई से प्रेरित होकर SI बनना चाहते हैं। उन्होंने फिजिकल परीक्षा पास कर ली है और आगे की तैयारी कर रहे हैं।

जनपद पंचायत डौंडी के अध्यक्ष मुकेश कौड़ों ने भी ललित की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

यह कहानी न केवल एक व्यक्ति की सफलता की है, बल्कि उस बदलाव की भी मिसाल है जहां कभी डर का माहौल था, वहां अब सपनों को उड़ान मिल रही है।