बालोद। जिले में जमीन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर दूसरे व्यक्ति की जमीन का सौदा करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन को 15 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था और खरीदार से 1.50 लाख रुपये एडवांस भी ले लिया था।
फर्जी दस्तावेज बनाकर किया जमीन का सौदा
पुलिस के अनुसार, ग्राम लाटाबोड़ निवासी डोमेंद्र कुमार के नाम पर 1 एकड़ 60 डिसमिल भूमि दर्ज है। आरोप है कि नरेंद्र बहादुर सोनी और हरिशंकर गजभिए ने मिलकर जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार की और उसी के आधार पर जमीन को बेचने की साजिश रची।
दोनों आरोपियों ने महिला खरीदार कमला वर्मा को जमीन बेचने का झांसा देकर 15 लाख रुपये में सौदा तय किया और एडवांस के तौर पर 1 लाख 50 हजार रुपये भी ले लिए।
संदेह होने पर खुला फर्जीवाड़ा
कुछ समय बाद कमला वर्मा को दस्तावेजों और सौदे पर संदेह हुआ। जांच कराने पर पता चला कि प्रस्तुत ऋण पुस्तिका पूरी तरह फर्जी है और जमीन का वास्तविक मालिक डोमेंद्र कुमार है, जिसे इस सौदे की कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
शिकायत के बाद बालोद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी नरेंद्र बहादुर सोनी (40 वर्ष) निवासी ग्राम खैरतराई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वहीं मामले का दूसरा आरोपी हरिशंकर गजभिए फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
धोखाधड़ी के अन्य मामलों की भी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपियों ने इसी तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम तो नहीं दिया है।





