March 3, 2026

नाबालिग से दुष्कर्म पर कोर्ट का सख्त फैसला: दोषी को 20 साल की कठोर कैद, बलौदाबाजार कोर्ट ने सुनाई सजा

Balodabazar News: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एडिशनल सेशन कोर्ट ने मानवता को शर्मसार करने वाले अपराध पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मनहरण नवरंगे को दोषी करार देते हुए अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।


⚖️ पॉक्सो एक्ट के तहत हुई सजा

अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को –

  • POCSO एक्ट के तहत – 20 वर्ष कठोर कारावास + ₹500 जुर्माना
  • धारा 363 IPC3 वर्ष कठोर कारावास + ₹100 जुर्माना
  • धारा 366 IPC5 वर्ष कठोर कारावास + ₹500 जुर्माना

से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


📝 ऐसे दर्ज हुआ था मामला

विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 25 मार्च 2024 को थाना सुहेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी 15 वर्ष 8 माह की नाबालिग बेटी 24 मार्च 2024 शाम 4:30 बजे बिना बताए घर से लापता हो गई।

पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की और पीड़िता को 27 मार्च 2024 को आरोपी के कब्जे से हिरमी तिराहा से बरामद किया।


🚨 शादी का झांसा देकर ले गया आरोपी

पीड़िता के बयान में सामने आया कि आरोपी मनहरण नवरंगे ने उसे नाबालिग जानते हुए शादी का लालच दिया और भगाकर ले गया। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस ने गवाहों के बयान, मेडिकल जांच, जप्ती, गिरफ्तारी और अन्य साक्ष्य जुटाकर चालान न्यायालय में पेश किया।


👩‍⚖️ कोर्ट में मजबूत पैरवी

न्यायालय में सभी गवाहों के बयान दर्ज हुए। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने अंतिम बहस में आरोपी को कठोर से कठोर सजा देने की मांग की।

अदालत ने अभियोजन के साक्ष्य और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।


👮‍♂️ जांच में रही पुलिस की भूमिका

इस पूरे मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह द्वारा की गई, जबकि शासन की ओर से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने की।