बलौदा बाजार। अंधविश्वास फैलाकर लोगों से ठगी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सिमगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भूत-प्रेत का साया हटाने और पूजा-पाठ के नाम पर एक कॉलेज छात्रा से ऑनलाइन ठगी करने वाले मध्यप्रदेश के शातिर आरोपी जयप्रकाश मिश्रा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुनाई है। मामले में विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
तांत्रिक बनकर छात्रा को डराया, ऑनलाइन ऐंठे 18,600 रुपये
पुलिस के अनुसार, सिमगा निवासी बीएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा को आरोपी जयप्रकाश मिश्रा (44) ने मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को तांत्रिक बताया। उसने छात्रा को यह कहकर डराया कि उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया है और पूजा-पाठ नहीं कराने पर अनहोनी हो सकती है। अंधविश्वास का भय दिखाकर आरोपी ने अलग-अलग समय पर छात्रा से अपने क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 18,600 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
पीड़िता की शिकायत पर थाना सिमगा में अपराध क्रमांक 490/2025 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से शहडोल से दबोचा गया आरोपी
मामले की विवेचना प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत ने की। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन सहित सभी तकनीकी साक्ष्य जुटाए। बैंक ऑफ बड़ौदा, सिमगा से प्राप्त बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मजबूत चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा।
कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिमगा योगिता जांगड़े की अदालत ने 9 जुलाई को आरोपी जयप्रकाश मिश्रा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को—
- धारा 318(4) बीएनएस के तहत 2 वर्ष के कारावास और 300 रुपये अर्थदंड,
- धारा 319(2) बीएनएस के तहत 1 वर्ष के कारावास और 200 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
अंधविश्वास के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को सजा दिलाने में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार केशर और विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों के कार्य की सराहना की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी भी तरह के झांसे में न आएं तथा ऐसे मामलों की तत्काल पुलिस को सूचना दें।





