July 23, 2026

बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, हाईकोर्ट का आदेश रद्द

रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अमित बघेल के साथ सह-आरोपी अजय यादव और दिनेश वर्मा को भी जमानत दे दी है। इससे पहले रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित होने के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में भी अमित बघेल को जमानत मिल चुकी है। ऐसे में अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश किया निरस्त

अमित बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.बी. सुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले के अन्य आरोपी करीब सात महीने से जेल में हैं, जबकि अमित बघेल की हिरासत अवधि अपेक्षाकृत कम है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल हिरासत की अवधि कम होना जमानत खारिज करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए तीनों आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी।

‘किंगपिन’ के आरोप पर पर्याप्त साक्ष्य नहीं

बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि राज्य सरकार ने अमित बघेल को हिंसा का ‘किंगपिन’ (मुख्य साजिशकर्ता) बताया था और दावा किया था कि पूरी घटना उनके इशारे पर हुई। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच से संबंधित सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर मौजूद हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं माना जा सकता।

क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला?

10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान मंच से दिए गए भड़काऊ भाषणों के बाद भीड़ उग्र हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट एवं एसपी कार्यालय परिसर में घुस गई।

हिंसक भीड़ ने कलेक्टोरेट भवन में तोड़फोड़ और आगजनी की। सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठी, पत्थर और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

इस मामले में पुलिस ने अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद तीनों आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां उन्हें जमानत मिल गई।