July 23, 2026

CG News: पहली ही बारिश में टूटी 5 करोड़ की निर्माणाधीन नहर, गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग

बलरामपुर। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा भाला-गिरवानी नहर परियोजना के तहत करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही निर्माणाधीन कंक्रीट नहर पहली ही मूसलाधार बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं और ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि नहर का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन पहली तेज बारिश का दबाव भी वह नहीं झेल सकी। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो नहर इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती।

ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत

स्थानीय किसान सरवन सोनी, इफ्तेखार खान, विनीत गुप्ता और रामकुमार धुर्वे ने बताया कि निर्माण शुरू होने के बाद से ही उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता संबंधी शिकायतें दी थीं। उनका आरोप है कि निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया और कंक्रीट की उचित देखरेख एवं पटाई भी नहीं की गई। बावजूद इसके, शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

निर्माण स्थल पर निगरानी नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर विभाग के इंजीनियर नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते थे और ठेकेदार के तकनीकी कर्मचारी भी अधिकांश समय अनुपस्थित रहते थे। इससे निर्माण कार्य की निगरानी प्रभावित हुई और पहली ही बारिश में नहर टूट गई।

सैकड़ों किसानों की बढ़ी चिंता

भाला और विजयनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को इस परियोजना से सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। लेकिन निर्माणाधीन नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई, तो पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है और करोड़ों रुपये की सरकारी राशि व्यर्थ चली जाएगी।

उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नहर टूटने की तकनीकी जांच कराने, निर्माण गुणवत्ता की परीक्षण कराने तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

क्या बोले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर?

जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारायण प्रसाद डहरिया ने बताया कि नहर में क्रॉस ड्रेनेज (CD) का निर्माण कराया जाना था और इसके लिए ठेकेदार को निर्देश भी दिए गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश होने से निर्माणाधीन नहर क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही ठेकेदार के माध्यम से क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।