July 29, 2026

रिश्वत मामले में सहायक ग्रेड-2 गौतम सिंह आयम को 3 वर्ष की सजा, 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगा

बलरामपुर। रिश्वत के एक मामले में सहायक ग्रेड-2 गौतम सिंह आयम को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण हेमंत सराफ ने तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से राजेंद्र कुमार गुप्ता ने पैरवी की।

अभियोजन के अनुसार, प्रार्थी नितेश रंजन पटेल वर्ष 2013 से 2017 के बीच लंबित एरियर राशि 92,000 रुपये प्राप्त करने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, वाड्रफनगर पहुंचे थे। इसी दौरान कार्यालय में पदस्थ गौतम सिंह आयम ने सेवा पुस्तिका सत्यापन कराने और एरियर बिल तैयार कर कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय अम्बिकापुर में जमा कराने के एवज में 20,000 रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के बाद आरोपी 12,000 रुपये लेने पर राजी हो गया।

प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, जिसके बाद उसने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अम्बिकापुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद 13 अगस्त 2024 को ट्रैप की कार्रवाई की गई और रिश्वत की राशि 12,000 रुपये के साथ आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।

न्यायालय ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं और इसमें न्यूनतम तीन वर्ष से अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में परिवीक्षा अधिनियम का लाभ नहीं दिया जा सकता। आरोपी 14 अगस्त 2024 से 13 नवंबर 2024 तक न्यायिक अभिरक्षा में रहा, जिसे सजा अवधि में समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।