अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब पांच महीने पहले कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाने के कारण एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय उसका इलाज जड़ी-बूटी से कराया था।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज निवासी 35 वर्षीय रामजीत राम को करीब पांच महीने पहले नवंबर में गांव में घूमते समय एक कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों ने अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने की बजाय गांव में ही जड़ी-बूटी से उसका इलाज कराना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद घाव भर जाने पर परिवार को लगा कि वह पूरी तरह ठीक हो गया है।
अचानक बिगड़ी तबीयत
रविवार को अचानक रामजीत की तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार आने लगा और शरीर में अकड़न के साथ वह अजीब हरकतें करने लगा। परिजनों के अनुसार वह कुत्ते जैसी हरकतें करने लगा था, जिसके बाद घबराकर उसे अस्पताल ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान रविवार रात उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद रामजीत को एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया गया था और गांव में जड़ी-बूटी से इलाज कराया गया था। चिकित्सकों के अनुसार समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाने के कारण शरीर में रेबीज वायरस सक्रिय हो गया, जिससे उसकी जान चली गई।





