रायपुर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा में उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। यह समीक्षा बैठक आज पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित की गई।
बैठक में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, विभिन्न जिलों के कार्यपालन अभियंता, जेल अधीक्षक और ठेकेदार शामिल हुए। जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
निर्माण कार्यों की प्रगति पर हुई समीक्षा
बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरक, बाउंड्रीवॉल, शौचालय और वॉच टॉवर के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ठेकेदारों से गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पर्याप्त निर्माण सामग्री उपलब्ध रखने और तय समय में कार्य पूरा करने को कहा।
सुरक्षा और समन्वय पर दिया जोर
पीडब्ल्यूडी सचिव ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जेल परिसरों में निर्माण सामग्री के परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जेल अधीक्षकों से श्रमिकों को प्रतिदिन पर्याप्त समय तक कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।
क्षमता से अधिक कैदियों की समस्या पर चिंता
बैठक में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। ऐसे में नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से जेलों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मैदानी अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई—
- रायपुर केंद्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों के लिए शेड और शौचालय निर्माण।
- बिलासपुर (नगोई) में 1500 आवास क्षमता वाले विशेष जेल का निर्माण।
- धमतरी और गरियाबंद जिला जेल में बाउंड्रीवॉल निर्माण।
- जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद और उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण।
- कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य।
- केंद्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए बैरक एवं शौचालय निर्माण।
- दंतेवाड़ा जिला जेल में शौचालय निर्माण।
- सुकमा जिला जेल में मुख्य दीवार के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग और वॉच टॉवर निर्माण।
- उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्य।
सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।





