May 17, 2026

Balrampur News : दुष्कर्म पीड़िता को न्याय के बजाय पंचायत का फरमान, परिवार का 12 साल तक सामाजिक बहिष्कार

बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के बजाय गांव की पंचायत ने ही सामाजिक दंड सुना दिया। आरोप है कि गांव के सरपंच ने पीड़िता और उसके पूरे परिवार को 12 साल तक समाज से बहिष्कृत करने का फरमान जारी कर दिया। पीड़िता और उसके परिजनों ने इस मामले की शिकायत एसडीओपी से कर न्याय की गुहार लगाई है।

पंचायत ने पीड़ित परिवार को ही ठहराया दोषी

मामला वाड्रफनगर के बसंतपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव की एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी और पीड़िता वर्तमान में गर्भवती बताई जा रही है। जब पीड़िता के परिवार ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराने की पहल की, तो गांव में पंचायत बुलाई गई।

बताया जा रहा है कि पंचायत में सरपंच और कुछ ग्रामीणों ने मिलकर पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ सामाजिक दंड का फैसला सुना दिया।

12 साल तक समाज से बहिष्कार का फरमान

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पंचायत में सरपंच ने निर्णय सुनाया कि पीड़िता और उसके पूरे परिवार को 12 साल तक गांव के समाज से बहिष्कृत रखा जाएगा। इस फैसले के बाद परिवार को गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों से दूर रहने के लिए कहा गया है।

ग्रामीणों के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी परेशान और भयभीत है। हालांकि पीड़िता की शिकायत के बाद बसंतपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन आरोपी के जेल जाने के बाद गांव में हुई बैठक में सरपंच ने पीड़िता और उसके परिवार को ही दोषी ठहराते हुए सामाजिक दंड सुना दिया।

पंचायत की अपमानजनक शर्तें

मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़ित परिवार के सामने कुछ अपमानजनक शर्तें भी रखी हैं। बताया जा रहा है कि सरपंच ने कहा कि यदि पीड़िता का परिवार अपनी “गलती” स्वीकार करता है, तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उस पानी से नहलाया जाएगा।

इसके अलावा दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा और शराब देने की भी बात कही गई है। पंचायत के इस फैसले को लेकर गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

एसडीओपी से लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता और उसके परिवार ने पूरे मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में की है। परिवार का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और पंचायत के फैसले से उन्हें सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पंचायत के फैसले की जांच की मांग की है।

प्रशासन करेगा जांच

वहीं इस मामले में वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को बुलाकर चर्चा की जाएगी और पूरे मामले की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

अब देखना होगा कि पंचायत के इस विवादित फैसले पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।