March 5, 2026

सरकारी स्कूल की नई पहचान: तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला बनी शिक्षा का आदर्श मॉडल

बलरामपुर। मध्यप्रदेश सीमा से लगे ग्राम पंचायत तुगुवा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षक समर्पण, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, तो शासकीय विद्यालय निजी स्कूलों से भी बेहतर शिक्षा केंद्र बन सकते हैं

पाठ्यपुस्तकों से आगे की शिक्षा

विद्यालय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान और रोजगार-मुखी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों में अनुशासन, समयबद्धता, स्वच्छता और शिष्टाचार जैसे गुणों का विकास किया जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति

विद्यालय परिसर साफ-सुथरा और अनुशासित है। कक्षाओं में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियां अपनाई जा रही हैं, जिसमें समूह कार्य, गतिविधि आधारित अध्ययन और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। इसका सीधा और सकारात्मक असर बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर दिखाई दे रहा है।

अभिभावक और स्थानीय लोग संतुष्ट

इस व्यवस्था से न केवल छात्र बल्कि अभिभावक भी बेहद संतुष्ट हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शासकीय विद्यालयों में इसी तरह की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा स्थायी रूप से लागू हो जाए, तो अभिभावकों को बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने की मजबूरी नहीं रहेगी। तुगुवा माध्यमिक शाला की पहल अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

कलेक्टर ने की सराहना

जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यहां पदस्थ शिक्षक बच्चों को रोजगार-मुखी शिक्षा देने, पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने और विद्यालय के वातावरण को बेहतर बनाए रखने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर भी ऐसे विद्यालयों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।

144 छात्र, चार शिक्षक—100% फंड का उपयोग

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 144 छात्र दर्ज हैं, जहां प्रधान पाठक सहित चार शिक्षक पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि शासन से प्राप्त सभी मदों का शत-प्रतिशत उपयोग किया गया है। शिक्षकों की मेहनत और योजनाओं के सही क्रियान्वयन से बच्चों की पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।

सरकारी स्कूल भी बना सकते हैं मिसाल

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि भविष्य में विद्यालय को और अधिक सुविधायुक्त बनाने, शैक्षणिक संसाधन बढ़ाने और बच्चों को नवाचार से जोड़ने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करेगा।
तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला यह संदेश दे रही है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण से सरकारी स्कूल भी शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकते हैं