
नक्सलियों की PLGA बटालियन नंबर-1 के पूर्व कमांडर इन चीफ बरसे देवा के सरेंडर के बाद अब उसका बयान सामने आने से हड़कंप मच गया है। देवा ने दावा किया है कि वह सरेंडर करने के इरादे से जंगल से बाहर नहीं निकला था, बल्कि संगठन के काम के सिलसिले में 29 दिसंबर को दो बोलेरो वाहनों से तेलंगाना जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़कर जबरन सरेंडर कराया।
हैदराबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के सवाल के जवाब में देवा ने कहा कि उसे करीब चार दिनों तक हिरासत में रखकर पूछताछ की गई और इसके बाद 3 जनवरी को हैदराबाद लाकर उसका सरेंडर कराया गया। देवा ने कहा, “हम सरेंडर करने के लिए जंगल से नहीं आए थे, हमें धोखे से फंसा दिया गया।” उसने बताया कि वह सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा क्षेत्र में सक्रिय था।
हिड़मा को लेकर सनसनीखेज दावा
बरसे देवा ने कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा की मौत को फर्जी एनकाउंटर बताया है। देवा का कहना है कि हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़कर मार दिया। उसने सीपीएम नेता मनीष कुंजाम के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि हिड़मा को देवजी ने मरवाया। देवा ने स्पष्ट किया कि हिड़मा को पुलिस ने ही मारा है। उसने बताया कि 27 अक्टूबर तक उसका हिड़मा से संपर्क बना हुआ था।
देवा के अनुसार, अप्रैल में वह और हिड़मा कर्रेगुट्टा क्षेत्र में मौजूद थे। उन्हें लगा था कि पुलिस का ऑपरेशन एक-दो दिन चलेगा, लेकिन इतना बड़ा अभियान चलेगा, इसकी उन्हें भी उम्मीद नहीं थी। उसने दावा किया कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर हुई मुठभेड़ में उसके संगठन का एक भी साथी नहीं मरा, जबकि पुलिस ने वहां 36 नक्सलियों को पकड़कर मार दिया।
विदेशी हथियारों पर सफाई
देवा ने विदेश से हथियार मिलने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इजराइल निर्मित तावोर और अमेरिकन मेड कॉल्ट M4 जैसे हथियार आमतौर पर सुरक्षा बलों के पास होते हैं। कई हथियार लूट के होते हैं। उसने यह भी कहा कि वह अपनी बटालियन को कोई संदेश नहीं देना चाहता।
भर्ती और संगठन को लेकर बयान
देवा ने बताया कि PLGA बटालियन में 15 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को ही भर्ती किया जाता था और जबरन भर्ती नहीं होती थी। उसने कहा कि वह जनता की समस्याओं को देखकर संगठन में शामिल हुआ था, लेकिन फिलहाल समाज या जनता के लिए उसके पास कोई संदेश नहीं है।
3 जनवरी को किया गया सरेंडर
गौरतलब है कि बरसे देवा ने 3 जनवरी को तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष सरेंडर किया था। उसके साथ 19 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डाले। देवा अपने साथ इजराइल निर्मित तावोर असॉल्ट राइफल और अमेरिकन मेड कॉल्ट M4 राइफल लेकर पहुंचा था। वह बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली PLGA बटालियन नंबर-1 का कमांडर इन चीफ था और गुरिल्ला युद्ध में माहिर माना जाता है।





