बस्तर। नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन के अंतिम दिन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 25 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 12 महिला और 13 पुरुष नक्सली शामिल हैं। सभी पर कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
बड़ी बरामदगी, करोड़ों का कैश और सोना जब्त
आत्मसमर्पण के साथ ही सुरक्षा बलों ने माओवादी इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी की है।
- 2 करोड़ 90 लाख रुपए नगद
- 7.20 किलोग्राम सोना (कीमत करीब 11.16 करोड़ रुपए)
वरिष्ठ माओवादी कैडर शामिल
समर्पण करने वालों में कई बड़े माओवादी नेता शामिल हैं, जैसे—
- CyPC मंगल कोरसा उर्फ मोटू
- CyPC आकाश उर्फ फागु उईका
- DVCM शंकर मुचाकी
- ACM राजू रैयाम उर्फ मुन्ना
- ACM पाले कुरसम
इन सभी ने संगठन की औचित्यहीनता को स्वीकार करते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
93 घातक हथियार किए जमा
नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 4 AK-47 रायफल
- 9 SLR रायफल
- 1 इंसास LMG
- 7 इंसास रायफल (5.56)
- 1 कार्बाइन, 1 पिस्टल
- 12 (303) रायफल
- 23 बीजीएल लांचर
- 14 (12 बोर) सहित कुल 93 हथियार
नक्सलवाद खत्म होने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर आत्मसमर्पण और बरामदगी नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का संकेत है। यह कार्रवाई बस्तर में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





