March 4, 2026

सुकमा: पोटाकेबिन स्कूलों में एआई शिक्षा से बदलाव की नई तस्वीर

सुकमा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले जिले से अब सकारात्मक बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। वनांचल के पोटाकेबिन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की शिक्षा दी जा रही है।

बच्चे कोडिंग, डेटा विश्लेषण और डिजिटल नवाचार सीख रहे हैं। कृषि और मौसम से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर डिजिटल मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने लाइवलीहुड कॉलेज में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया है। डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट एप्स के जरिए पढ़ाई को रोचक बनाया जा रहा है।

यह पहल क्षेत्र में तकनीकी जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

जगदलपुर: ‘ब्लू गुफा’ जंगल के भीतर प्राकृतिक चमत्कार

जगदलपुर। दरभा ब्लॉक के तोयनार क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक नई गुफा का मुहाना खोजा है, जिसे ‘ब्लू गुफा’ नाम दिया गया है। गुफा जंगल के भीतर लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है।

अब तक करीब 100 मीटर अंदर तक सफाई की जा चुकी है। नीले पत्थरों की संरचना इसकी खास पहचान है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने नियंत्रित प्रवेश की सलाह दी है। संतुलित पर्यटन से क्षेत्र को नई पहचान मिलने की संभावना जताई जा रही है।

लोहंडीगुड़ा: मधुमक्खियों के हमले में राहगीर घायल

लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम टाकररागुड़ा में असामाजिक तत्वों द्वारा मधुमक्खी के छत्ते पर पत्थर मारने से बड़ा हादसा हो गया। उग्र मधुमक्खियों ने राहगीरों पर हमला कर दिया।

बाइक सवार लछिंधर नाग और संजय नाग घायल हो गए। कई लोगों को जान बचाने के लिए जमीन पर लेटना पड़ा। ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

तोकापाल: 30 साल बाद सरपंच ने जुगाड़ से बनाई स्कूल की बाउंड्री

तोकापाल ब्लॉक के मुसरीगुड़ा प्राथमिक स्कूल में तीन दशक से बाउंड्रीवाल नहीं थी। प्रशासनिक उदासीनता के बीच सरपंच अमित भंडारी ने स्थानीय संसाधनों से अस्थायी बाउंड्री बनवाई।

मुख्य सड़क के पास स्थित स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों ने स्थायी बाउंड्री निर्माण की मांग दोहराई है।

कोंटा: डीएमएफ बोर खनन में गड़बड़ी के आरोप

कोंटा। डीएमएफ मद से वर्ष 2023-24 में 178 आदिवासी किसानों के खेतों में बोर खनन के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।

विभाग का दावा है कि 60 किसानों को लाभ मिला, लेकिन लाभार्थियों की लिखित सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। किसानों से अंश राशि लेने और भौतिक सत्यापन न होने पर सवाल उठ रहे हैं। किसानों ने मामले की जांच की मांग की है।

बीजापुर: कागज कारखाना योजना ठप, संसाधनों का बाहर फायदा

बीजापुर। भोपालपटनम क्षेत्र में प्रस्तावित कागज कारखाने की योजना ठंडे बस्ते में है। बांस और नीलगिरी उत्पादन के बावजूद स्थानीय उद्योग स्थापित नहीं हो सका।

किसानों को दो-तीन रुपये किलो की दर से नीलगिरी बेचनी पड़ रही है, जबकि कच्चा माल महाराष्ट्र और ओडिशा भेजा जा रहा है। किसानों ने स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित करने की मांग की है।

जगदलपुर: इंद्रावती एनीकट का गेट खोलने पर विवाद

जगदलपुर। इंद्रावती नदी बाजार संघर्ष समिति ने प्रशासन पर बिना सूचना एनीकट का गेट खोलने का आरोप लगाया है। इससे जलस्तर गिरने से किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।

समिति का आरोप है कि पर्यटन आयोजन को प्राथमिकता दी गई। किसानों ने पूर्व सूचना की व्यवस्था और सिंचाई सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।