July 23, 2026

बलरामपुर में जल संरक्षण का जनआंदोलन, एक महीने में बने 54 हजार से अधिक सोख्ता गड्ढे

बलरामपुर। जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। वर्षा जल के संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान के तहत जिले में महज एक महीने के भीतर 54 हजार से अधिक सोख्ता (सोक पिट) गड्ढों का निर्माण कराया गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि यह अभियान भविष्य में जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

जिले के सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में एक साथ संचालित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रोजगार सहायकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान कर इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया।

यह अभियान जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की विशेष पहल, सतत निगरानी और मार्गदर्शन में संचालित किया गया। कलेक्टर ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए थे, जिसके परिणामस्वरूप अल्प अवधि में रिकॉर्ड संख्या में सोख्ता गड्ढों का निर्माण संभव हो सका।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य के जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सोख्ता गड्ढे वर्षा के पानी को सीधे जमीन के भीतर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से भूजल का पुनर्भरण (रिचार्ज) होता है। इसके परिणामस्वरूप हैंडपंप, कुएं और अन्य जल स्रोत लंबे समय तक जलयुक्त बने रहेंगे।

प्रशासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ अभियान चलाया गया, जिसमें हजारों ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों से अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाएं विकसित करने तथा वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजने का संकल्प लेने की अपील की।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि जल संरक्षण को स्थायी जन आंदोलन का रूप दिया जा सके। प्रशासन का उद्देश्य केवल सोख्ता गड्ढों का निर्माण करना नहीं, बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी विकसित करना भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सामुदायिक भागीदारी के साथ वर्षा जल संरक्षण के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में बलरामपुर जिले के भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। यह अभियान जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।