September 4, 2026

बस्तर दशहरा का आज से आगाज, पाटजात्रा के साथ शुरू होगा 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक पर्व

जगदलपुर। बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा अपनी सदियों पुरानी परंपराओं के साथ आज, 12 अगस्त से शुरू हो रहा है। हरेली अमावस्या के दिन मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में पाटजात्रा की पहली रस्म के साथ करीब 75 दिनों तक चलने वाले इस अनूठे पर्व का आगाज होगा। रथ निर्माण के लिए ग्राम बिलौरी से लाई गई पहली लकड़ी जगदलपुर पहुंच चुकी है, जिसे स्थानीय बोली में ठुरलू खोटला और टीका पाटा कहा जाता है।

पाटजात्रा को केवल एक पूजा नहीं, बल्कि बस्तर दशहरा की पूरी परंपरा की शुरुआत माना जाता है। इस दौरान मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादारों की मौजूदगी में औजार निर्माण की रस्म पूरी की जाएगी। परंपरा के अनुसार पूजा विधान के दौरान बकरे की बलि भी दी जाएगी।

इसके बाद 24 सितंबर को डेरी गड़ाई से दशहरा की विभिन्न रस्मों का क्रम शुरू होगा। 10 अक्टूबर को काछनगादी, 11 अक्टूबर को कलश स्थापना और 12 अक्टूबर को जोगी बिठाई की रस्म होगी।

13 से 18 अक्टूबर तक होगी रथ परिक्रमा

बस्तर दशहरा के प्रमुख चरण में 13 से 18 अक्टूबर तक नवरात्रि पूजा और रथ परिक्रमा होगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और निशा जात्रा, 20 अक्टूबर को मावली परघाव, 21 अक्टूबर को भीतर रैनी और 22 अक्टूबर को बाहर रैनी की रस्म होगी।

इसके बाद 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार और 24 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा आयोजित की जाएगी। 27 अक्टूबर को मावली माता की डोली विदाई के साथ करीब 75 दिनों से चला आ रहा यह ऐतिहासिक पर्व संपन्न होगा।

दंतेवाड़ा से मां दंतेश्वरी की डोली भी पूरे आयोजन में शामिल होगी। बस्तर दशहरा अपनी अनूठी आदिवासी परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है।


बचेली में मशीनों में आगजनी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दंतेवाड़ा। लौह नगरी बचेली में परियोजना से जुड़े काम में लगी मशीनों को आग के हवाले किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 11 अगस्त की रात कल्पतरु कंपनी के साइट पर अज्ञात लोगों ने एक एक्सावेटर और क्रेन को निशाना बनाया।

शुरुआती जांच में दोनों मशीनों के इंजन वाले हिस्से में आग लगाए जाने की बात सामने आई है। रात में तैनात सुरक्षा गार्डों ने आग पर काबू पाया और पुलिस को सूचना दी।

बताया जा रहा है कि करीब छह महीने के भीतर मशीनों में आगजनी की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी दो पोकलेन मशीनों को आग के हवाले किया जा चुका है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके की जांच की, लेकिन मौके से कोई नक्सली पर्चा या स्पष्ट संकेत नहीं मिला।

फिलहाल पुलिस घटना के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।


ओडिशा से आंध्र जा रहा 260 क्विंटल मक्का बस्तर में पकड़ा

जगदलपुर। मंडी बोर्ड की टीम ने आड़ावाल में ओडिशा से आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा 260 क्विंटल मक्का पकड़ा है। मक्का से भरे ट्रक की जांच के दौरान 520 बोरी मक्का बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार मक्का ओडिशा के सिंसारी क्षेत्र से बस्तर के रास्ते आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा था। मंडी बोर्ड की कार्रवाई के बाद वाहन चालक पर 53 हजार 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


दो से तीन महीने से बंद मोबाइल टावर, 2 हजार ग्रामीण परेशान

जगदलपुर। महिमागवाड़ी के नयापारा में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से करीब 1500 से 2000 ग्रामीण परेशान हैं। गांव में लगा मिनी जियो टावर पिछले दो से तीन महीने से बंद पड़ा है।

नेटवर्क बंद होने से मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के साथ ऑनलाइन पढ़ाई, राशन दुकानों में ई-पॉस मशीन, सीएससी सेंटर और आय, जाति, निवास व जन्म प्रमाण पत्र जैसे ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से जल्द नेटवर्क सेवा बहाल कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जियो कंपनी की टीम गांव का दौरा कर चुकी है, लेकिन अब तक तकनीकी समस्या दूर नहीं हुई है।


वन मंडल कार्यालय के पास खुले में पड़े तेंदूपत्ते के बोरे, जांच की मांग

कोंडागांव। वन मंडल कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर खुले में पड़े तेंदूपत्ते के बोरों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक संगठनों ने वन विभाग से मौके का निरीक्षण कर तेंदूपत्ते की मात्रा और उसकी स्थिति की जांच कराने की मांग की है।

संगठनों ने तेंदूपत्ते के संग्रहण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। साथ ही यह भी पता लगाने की मांग की गई है कि तेंदूपत्ता किस वर्ष का है और किस प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति से संबंधित है।


केले की खेती का सपना दिखाकर 53 लाख के बैंक आहरण का आरोप

नारायणपुर। बेनूर क्षेत्र में किसानों के नाम पर सरकारी बागवानी योजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि केले की उन्नत खेती और सरकारी अनुदान का भरोसा देकर उन्हें योजना से जोड़ा गया, लेकिन उनके नाम पर बैंक से लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई।

किसानों के अनुसार बेनूर ग्रामीण बैंक शाखा के माध्यम से पांच किसानों के नाम पर कुल 53 लाख रुपये निकाले गए। उनका दावा है कि उन्हें इस राशि में से कोई रकम नहीं मिली।

किसानों ने योजना से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, ऋण स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसानों के नाम पर राशि किस तरह निकाली गई और उसका इस्तेमाल किसने किया।


मरीजों की शिकायतों पर अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई, 24 घंटे ट्रॉमा यूनिट का दावा

जगदलपुर। कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मरीजों और परिजनों की ओर से सामने आई अव्यवस्थाओं की शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां 24 घंटे आपातकालीन ट्रॉमा यूनिट संचालित है। मरीजों की सुविधा के लिए निःशुल्क हेल्प डेस्क और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी उपलब्ध हैं। प्रबंधन का दावा है कि उपचार पैकेज और संभावित खर्च की जानकारी मरीजों को पहले ही दी जाती है।

अस्पताल ने पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता का भी दावा किया है। हालांकि मरीजों की शिकायतों और अस्पताल प्रबंधन के दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच और मरीजों के अनुभवों से ही स्पष्ट होगी।