May 18, 2026

बस्तर में प्रधान अध्यापकों की पदोन्नति अटकी : 4 साल से खाली पद, शिक्षक संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी

जगदलपुर : बस्तर संभाग में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अहम मुद्दा अब आंदोलन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। माध्यमिक शालाओं में प्रधान अध्यापकों के पद पिछले चार वर्षों से खाली पड़े हैं, लेकिन अब तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस मुद्दे को लेकर संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने ज्वाइंट डायरेक्टर कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की।

संभाग सचिव रामचंद्र सोनवानी ने बताया कि विभाग ने पहले पदोन्नति प्रक्रिया के लिए समय सारिणी जारी की थी, लेकिन उसके अनुसार कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि कई जिलों में सर्विस बुक का संधारण सही तरीके से नहीं होने के कारण प्रक्रिया अटक गई है।

उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर शिक्षक संगठन अब तक चार बार अधिकारियों से मुलाकात कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर

शिक्षकों का कहना है कि प्रधान अध्यापकों के पद लंबे समय से खाली होने के कारण स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होती है तो माध्यमिक स्तर पर व्यवस्था बेहतर होगी और साथ ही उच्च श्रेणी एवं सहायक शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता भी साफ होगा।

बैठक के दौरान जेडी कार्यालय की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मार्च के अंत तक पदोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी। हालांकि शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब और इंतजार नहीं किया जाएगा।

संघर्ष मोर्चा ने 27 मार्च तक की समय-सीमा तय की है। यदि इस तारीख तक पदोन्नति सूची जारी नहीं होती है तो 30 मार्च को पूरे बस्तर संभाग में एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन किया जाएगा।