July 31, 2026

Jagdalpur News: युक्तियुक्तकरण के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, बस्तर में 307 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

जगदलपुर। बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो सकी है। जिले के 307 प्राथमिक विद्यालय आज भी सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। पहले ऐसे स्कूलों की संख्या 292 थी, जो अब बढ़कर 307 हो गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई प्रधान अध्यापकों के निधन, कुछ शिक्षकों के अन्य नौकरियों में चयन और त्यागपत्र देने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। इसके चलते एक ही शिक्षक को पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य, मिड-डे मील का संचालन, रिकॉर्ड संधारण और अन्य सरकारी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं।

भर्ती पूरी होने तक राहत की उम्मीद नहीं

युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। कई विद्यालय आज भी पर्याप्त शिक्षकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग का कहना है कि नई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्त शिक्षकों की पदस्थापना होने तक एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या में कमी आना संभव नहीं है।

बच्चों की पढ़ाई पर उठ रहे सवाल

एक शिक्षक पर पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी होने से बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकार इन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति कब तक सुनिश्चित करेगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।