May 14, 2026

बस्तर न्यूज अपडेट: केशकाल घाट जाम से लेकर बस्तर में नवाचार और विकास की नई तस्वीर

कोंडागांव/दंतेवाड़ा/बस्तर। बस्तर संभाग में एक ओर जहां यातायात और मौसम से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, वहीं दूसरी ओर नवाचार, विकास और प्रशासनिक पहल की भी झलक देखने को मिली। संभाग में अलग-अलग जिलों से कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं—

केशकाल घाट में फिर लगा लंबा जाम

राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशकाल घाट में एक बार फिर भारी जाम की स्थिति बन गई। गुरुवार-शुक्रवार की रात सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। संकरी सड़क और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है।

रात करीब 1 बजे हालात बिगड़ गए और दोनों ओर लंबी कतार लग गई। यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया, लेकिन यह राहत अस्थायी रही। स्थानीय लोगों ने स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था की मांग की है।

जंगल से नवाचार: छिंद बीज से बनी ‘फ्यूचर कॉफी’

दंतेवाड़ा में एक अनोखी पहल ने सबका ध्यान खींचा है। युवा उद्यमी विशाल हालदार ने जंगलों में पाए जाने वाले छिंद के बीजों से कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी विकसित की है।

दो साल के शोध के बाद तैयार यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और स्वास्थ्य के लिए बेहतर मानी जा रही है। इसे इनोवेशन महाकुंभ में पहला स्थान मिला और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। यह पहल अब स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

बस्तर में जल विवाद और विकास पर बड़ी बैठक की उम्मीद

बस्तर में 19 मई को प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और अंतरराज्यीय जल विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा संभावित है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इंद्रावती जल विवाद और पोलावरम परियोजना से जुड़े मुद्दों का समाधान निकल सकता है।

वट सावित्री व्रत पर विशेष योगों का संयोग

जगदलपुर में 16 मई को वट सावित्री व्रत विशेष योगों के साथ मनाया जाएगा। इस बार शनि जयंती सहित कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

अबूझमाड़ में पुल निर्माण से बदली तस्वीर

नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी ने ग्रामीणों के सहयोग से 60 मीटर लंबा लकड़ी-बांस का पुल तैयार किया है। यह पुल कुड़मेल गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ता है।

बारिश में संपर्क टूटने की समस्या अब खत्म हो गई है। इस पहल को सुरक्षा बल और ग्रामीणों के सहयोग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

किसानों की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग

कोंडागांव के बड़ेराजपुर ब्लॉक में तेज आंधी और बारिश ने मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों की पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग की है।

जल जीवन मिशन पर ग्रामीणों के सवाल

बस्तर के कविआसना पंचायत में जल जीवन मिशन के कार्य पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी बनने के बावजूद पानी आपूर्ति शुरू नहीं हुई है और नल कनेक्शन अधूरे हैं। जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

समाधान शिविर से बढ़ा प्रशासन-जनता का संवाद

बीजापुर के पुजारी कांकेर में प्रशासन ने समाधान शिविर आयोजित किया, जहां विभिन्न विभागों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया। इस पहल को सुशासन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

तुलसा बघेल बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

बस्तर के कलचा गांव की तुलसा बघेल ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खेती और बाड़ी विकास के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। आज वे आत्मनिर्भर किसान के रूप में कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।