May 18, 2026

पापा राव के सरेंडर से नक्सलमुक्त बस्तर की ओर बड़ा कदम, इसरो की भूमिका का खुलासा

जगदलपुर

बड़े नक्सली के सरेंडर से बढ़ा भरोसा

बड़े नक्सली लीडर पापा राव के आत्मसमर्पण के साथ 31 मार्च तक नक्सलमुक्त बस्तर की घोषणा अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है। इसे नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

इसरो की तकनीक ने निभाई अहम भूमिका

गृहमंत्री विजय शर्मा ने खुलासा किया कि नक्सलवाद के खात्मे में इसरो का भी अहम योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि सैटेलाइट के जरिए नक्सलियों की मूवमेंट पर नजर रखने से सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली।

सुरक्षा कैंप बनेंगे लघु वनोपज केंद्र

गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर में स्थापित करीब 400 सुरक्षा कैंपों को लघु वनोपज केंद्रों में तब्दील किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

शीर्ष माओवादी नेतृत्व खत्म होने का दावा

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब DKSZC स्तर का कोई भी माओवादी नहीं बचा है। बचे हुए नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी सरकार काम कर रही है।

आंकड़ों में बड़ी सफलता

गृहमंत्री के अनुसार पिछले दो वर्षों में तीन हजार से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि करीब दो हजार को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा सवा पांच सौ माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।

जवानों के साहस को दिया श्रेय

उन्होंने इस सफलता का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस और रणनीति को दिया। साथ ही कहा कि बस्तर के साथ प्रदेश के अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में भी स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।