May 18, 2026

पापा राव समेत 17 नक्सलियों का सरेंडर, बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने की ओर बड़ा कदम

जगदलपुर। करीब पांच दशकों से नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहा बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के अहम सदस्य पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

यह सरेंडर केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हिंसा की राह छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का प्रतीक माना जा रहा है। इस दौरान आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों का संविधान की प्रति और फूल देकर स्वागत किया, जो बदलते बस्तर की नई तस्वीर को दर्शाता है।

हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में हथियार भी पुलिस को सौंपे। इनमें 8 एके-47, 1 इंसास राइफल, 4 थ्री-नॉट-थ्री, 1 एसएलआर, 2 सिंगल शॉट गन और बीजीएल लॉन्चर शामिल हैं। इसके साथ ही 12 लाख रुपये नकद भी जमा कराए गए।

96 प्रतिशत नक्सलवाद खत्म होने का दावा
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में अब तक 96 प्रतिशत नक्सलवाद खत्म किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में लगभग 3000 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2000 से अधिक गिरफ्तारियां और 500 से ज्यादा नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं।

तेजी से बदल रहा बस्तर
बस्तर संभाग के साथ-साथ कवर्धा, मानपुर-मोहला और धमतरी जैसे इलाके भी तेजी से नक्सल मुक्त हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक शेष बचे नक्सलियों का भी पूर्ण रूप से सफाया करना है।

आईईडी अब भी बड़ी चुनौती
हालांकि, जंगलों और सड़कों के किनारे बिछे आईईडी और बारूदी सुरंगें अभी भी सुरक्षा बलों के लिए खतरा बनी हुई हैं। लगातार इन्हें खोजकर निष्क्रिय किया जा रहा है। सरकार ने हर गांव को ‘आईईडी फ्री’ बनाने का लक्ष्य भी तय किया है।

पापा राव का सरेंडर इस बात का संकेत है कि बस्तर अब हिंसा से विकास की ओर बढ़ रहा है, जहां बंदूक की जगह विश्वास और संविधान की आवाज मजबूत हो रही है।