May 16, 2026

बस्तर में नक्सल उन्मूलन का नया प्लान: सरेंडर नक्सली अब जवानों को सिखाएंगे जंगल वॉरफेयर

जगदलपुर। बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान को और मजबूत करने के लिए एक नई और रणनीतिक पहल शुरू की जा रही है। अब सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सली ही सुरक्षाबलों के जवानों को जंगल वॉरफेयर की बारीकियां सिखाएंगे।

कांकेर में होगा विशेष प्रशिक्षण

इस पहल के तहत कांकेर स्थित काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वॉरफेयर कॉलेज में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस ट्रेनिंग में सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों से सरेंडर कर चुके 18 पूर्व नक्सलियों को शामिल किया जाएगा।

गुरिल्ला और IED तकनीक में माहिर

ये सभी पूर्व नक्सली गुरिल्ला युद्ध, आईईडी (IED) बनाने और जंगलों में उन्हें प्लांट करने जैसी तकनीकों में पहले से माहिर रहे हैं।

अब उनके इसी अनुभव का इस्तेमाल सुरक्षाबलों को प्रशिक्षित करने में किया जाएगा, जिससे ऑपरेशन के दौरान बेहतर रणनीति बनाई जा सके।

जवानों को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

इस प्रशिक्षण में जवानों को नक्सलियों के काम करने के तरीके, खासकर बारूदी सुरंग (IED) लगाने और उसे निष्क्रिय करने की तकनीक सिखाई जाएगी।

इससे सुरक्षाबलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान अधिक सतर्कता और सफलता मिलने की उम्मीद है।

आईजी पी. सुंदरराज का बयान

बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि इस ट्रेनिंग से जवान नक्सलियों द्वारा आईईडी लगाने के तरीकों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि पहले आईईडी रिकवरी के दौरान कई चुनौतियां सामने आती थीं, लेकिन अब इस तरह के प्रशिक्षण से जवानों की क्षमता और सुरक्षा दोनों में इजाफा होगा।

मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है पहल

बस्तर के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए बारूदी जाल को निष्क्रिय करने के लिए उनके पूर्व साथियों की मदद लेना एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

यह पहल न केवल सुरक्षाबलों को बढ़त दिला सकती है, बल्कि नक्सल उन्मूलन अभियान को भी नई दिशा दे सकती है।