May 18, 2026

नक्सलियों को 72 घंटे का अल्टीमेटम: सरेंडर करें या कार्रवाई झेलें, बस्तर आईजी की चेतावनी

Jagdalpur | 26 मार्च 2026

जगदलपुर। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने की समयसीमा नजदीक आते ही बस्तर में माओवाद के खिलाफ कार्रवाई निर्णायक चरण में पहुंच गई है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने सक्रिय माओवादियों को 48 से 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि अब या तो आत्मसमर्पण करें या फिर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

“समय कम, सरेंडर ही आखिरी रास्ता”

आईजी सुंदरराज ने कहा कि बस्तर में अब गिने-चुने माओवादी ही सक्रिय बचे हैं और उनके पास बहुत कम समय है। डेडलाइन से पहले आत्मसमर्पण ही उनके लिए एकमात्र विकल्प है।

उन्होंने चेतावनी दी कि तय समयसीमा के बाद एंटी-नक्सल ऑपरेशन और अधिक तेज व आक्रामक होगा। जो माओवादी सामने नहीं आएंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

पापाराव के सरेंडर के बाद सख्ती

हाल ही में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के अहम सदस्य पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बाकी बचे नक्सलियों पर दबाव और बढ़ा दिया है।

“सरेंडर या एंड” की स्थिति

बस्तर पुलिस के इस अल्टीमेटम को “सरेंडर या एंड” की स्थिति के रूप में देखा जा रहा है। जंगलों में छिपे माओवादियों के लिए अब हर गुजरता घंटा अहम माना जा रहा है।