July 29, 2026

Bastar News: बैलाडीला खनन परियोजना का विरोध, केशकाल बायपास को मिली रफ्तार, नौतपा को लेकर अलर्ट

बस्तर। बैलाडीला क्षेत्र में संचालित और प्रस्तावित खनन गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डिपॉजिट क्रमांक-4 परियोजना में फर्जी ग्राम सभा और लोक सुनवाई कराने का आरोप लगाया है। वहीं बस्तर संभाग में केशकाल घाट बायपास, नौतपा की चेतावनी, रावघाट रेल ट्रायल और खराब सड़कों को लेकर भी कई अहम मुद्दे सामने आए हैं।

बैलाडीला खनन परियोजना पर ग्रामीणों का विरोध

ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना दस्तावेज तैयार कर खनन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी विकास जैसे मुद्दों की अनदेखी कर सड़क निर्माण जैसी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

आलनार स्थित आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड पर भी बिना वास्तविक खनन गतिविधि के कागजों में लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन दिखाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच, सैटेलाइट सत्यापन और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

केशकाल घाट बायपास से जाम से मिलेगी राहत

राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लंबे समय से लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किलोमीटर लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण तेज किया जा रहा है।

परियोजना में दो बड़े और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बायपास बनने से बस्तर संभाग की यातायात व्यवस्था सुगम होगी और पर्यटन व व्यापार को भी फायदा मिलेगा।

नौतपा को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

25 मई से शुरू होने वाले नौतपा को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी।

हालांकि कुछ क्षेत्रों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। चिकित्सकों ने लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

रावघाट रेल ट्रायल से अबूझमाड़ में बढ़ी उम्मीद

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का ट्रायल नारायणपुर और अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। पहली बार भारतीय रेल का इंजन रावघाट तक पहुंचा, जिससे वर्षों पुरानी रेल कनेक्टिविटी की मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि नियमित रेल सेवा शुरू होने से रोजगार, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

बारिश से पहले सड़क मरम्मत की मांग

सुकमा जिले के मुरियाभंडाररास से सोनाकुकानार तक की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मरम्मत की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में सड़क पूरी तरह खराब हो जाती है और गांव का संपर्क टूट जाता है।

चित्रकोट तीरथा में पर्यटन सुविधाएं बदहाल

जगदलपुर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तीरथा क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई पर्यटन सुविधाएं बदहाल होती जा रही हैं। पत्थर सड़क कई जगह टूट चुकी है और पैगोड़ा व बैठने की संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जल्द सुधार की मांग की है।