जगदलपुर। बस्तर में इंद्रावती नदी की बाढ़ ने इस बार ग्रामीणों के सामने राहत और परेशानी दोनों की तस्वीर पेश की है। बाढ़ के पानी से खेत और सड़कें प्रभावित हुईं, वहीं ओडिशा की ओर से आई बाढ़ के साथ टेंगना, रोहू और कतला जैसी मछलियां भी पहुंचीं। ग्रामीण नदी किनारे मछलियां और केकड़े पकड़कर जरूरत के बाद बची उपज बाजार में बेच रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है।
इधर, बेलगांव क्षेत्र में इंद्रावती का पानी सड़क और रपटे के ऊपर पहुंचने से आवागमन प्रभावित हुआ। जगदलपुर के पास पुराने पुल पर पानी चढ़ने के कारण आवाजाही रोकनी पड़ी, जबकि हाई लेवल ब्रिज चालू रहा। नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
JD रेल लाइन के सिंगल ट्रैक पर उठे सवाल
जगदलपुर। दुर्ग-जगदलपुर रेल परियोजना के रावघाट-जगदलपुर के बीच 144 किलोमीटर हिस्से में काम शुरू होने की तैयारी के बीच सिंगल ट्रैक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बस्तर के नागरिकों का कहना है कि लाइन का इस्तेमाल केवल माल परिवहन तक सीमित नहीं होना चाहिए। क्षेत्र में यात्री ट्रेनों की नियमित और पर्याप्त सुविधा भी जरूरी है।
जेडी लाइन से आठ से अधिक लौह अयस्क खदानों को जोड़ने की योजना है। भविष्य में बड़ी संख्या में मालगाड़ियों के संचालन की संभावना के चलते नागरिकों ने अभी से दोहरीकरण की जरूरत को योजना में शामिल करने की मांग की है।
बस्तर से निकलेगा अयस्क, स्थानीय यात्रियों को कितना फायदा?
नई रेल लाइन से बस्तर के लौह अयस्क को भिलाई इस्पात संयंत्र सहित औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। हालांकि, नागरिकों की चिंता है कि मालगाड़ियों के बढ़ते दबाव के बीच यात्री ट्रेनों को पर्याप्त प्राथमिकता मिलेगी या नहीं।
लोगों का कहना है कि दोहरी रेल लाइन होने से माल और यात्री ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और भविष्य में यात्री सेवाओं के विस्तार की संभावना भी बढ़ेगी।
दोहरीकरण के हिसाब से भूमि अधिग्रहण की मांग
जगदलपुर। दुर्ग-जगदलपुर रेल परियोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर नागरिकों ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में रेल लाइन का दोहरीकरण होना है तो जमीन अभी से उसी हिसाब से चिन्हित की जानी चाहिए।
नागरिकों के मुताबिक इससे भविष्य में दोबारा भूमि अधिग्रहण, ग्रामीणों की परेशानी और संभावित विवाद कम किए जा सकते हैं। साथ ही रेल परियोजना में पर्यावरण और पेड़ों के संरक्षण का भी ध्यान रखने की मांग की गई है।
आफ्टर केयर कार्यक्रम से युवाओं को नई राह
जगदलपुर। बाल देखरेख संस्थाओं से बाहर निकलने वाले युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आफ्टर केयर कार्यक्रम के तहत शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। बुकालू पोयामी और लक्ष्मण नाग को प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई गई है।
बुकालू माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव का तीन महीने का प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि लक्ष्मण नाग एक वर्षीय डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन कर रहे हैं। संस्था दोनों की प्रशिक्षण फीस भी वहन कर रही है। अब तक पांच युवाओं को इस पहल का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
दूध से लेकर पैक्ड खाद्य पदार्थों तक जांच की मांग
जगदलपुर। दूध, क्रीम, पनीर और चीज की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग को व्यापक जांच अभियान चलाना चाहिए।
मांग की गई है कि दूध और दुग्ध उत्पादों के साथ मिठाई, नमकीन, तेल-घी, बेकरी और पैक्ड खाद्य पदार्थों की भी जांच हो। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, डेयरी और कैटरिंग संचालकों के यहां लाइसेंस, लेबल, बैच नंबर, सामग्री और एक्सपायरी डेट की जांच करने की मांग की गई है।
हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं
कोंडागांव। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। समय-सीमा की बैठक में पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने सड़क सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
नेशनल हाईवे-30 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।





