जगदलपुर | जर्जर नहरों से प्रभावित हो रही उद्वहन सिंचाई योजना
किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए शुरू की गई उद्वहन सिंचाई योजनाएं कई गांवों में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं। इन्द्रावती और नारंगी नदी से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली नहरें जर्जर हो चुकी हैं। मोटरों की मरम्मत के बाद भी कुरूषपाल, नारायणपाल और टेमरा सहित कई गांवों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने नहरों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की मांग की है।
जगदलपुर | पंचायत समस्याओं को लेकर सरपंचों ने दी आंदोलन की चेतावनी
शहीद पार्क में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में बस्तर जिले के सरपंचों ने लंबित मानदेय, विकास कार्यों में देरी और वित्तीय संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया। सरपंच संघ ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सामूहिक इस्तीफे पर विचार किया जाएगा।
सुकमा | रेलवे कनेक्टिविटी की मांग हुई तेज
विकास की नई संभावनाओं के बीच सुकमा को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग जोर पकड़ रही है। मलकानगिरी तक प्रस्तावित रेल लाइन सुकमा से करीब 30 किलोमीटर दूर तक पहुंचेगी। क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि रेल संपर्क से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
कोंडागांव | 35 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त
वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मालगांव के आरक्षित वन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 35 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। वन विभाग अब इस भूमि पर पुनर्वनीकरण और लैंड बैंक योजना के तहत विकास कार्यों की तैयारी कर रहा है।
कोंडागांव | ट्रांसफार्मर जलने से 500 से अधिक घरों की बिजली गुल
अंबेडकर वार्ड में ट्रांसफार्मर जल जाने से अंबेडकर और रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड के 500 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। करीब 12 से 14 घंटे बाद नया 100 एचपी ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली बहाल की गई। स्थानीय लोगों ने समय पर रखरखाव नहीं होने पर नाराजगी जताई है।
जगदलपुर | हरिहर महायज्ञ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित हरिहर महायज्ञ में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। छठवें दिन 12 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, विशेष अभिषेक और लक्ष बिल्वार्चना का आयोजन किया गया। महायज्ञ की पूर्णाहुति 12 जून को होगी, जबकि 13 जून को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा
सुकमा | 2031 तक बस्तर की तस्वीर बदलने का दावा
माओवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद अब बस्तर के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जनप्रतिनिधियों का दावा है कि वर्ष 2031 तक बस्तर देश के अग्रणी आदिवासी संभागों में शामिल हो सकता है।
एक नजर में
✔ जर्जर नहरों से किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई का पूरा लाभ
✔ सरपंचों ने 15 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
✔ सुकमा को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग तेज
✔ कोंडागांव में 35 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त
✔ ट्रांसफार्मर जलने से 500 से अधिक घर प्रभावित
✔ हरिहर महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
✔ 2031 तक बस्तर के विकास का रोडमैप तैयार करने की कवायद तेज।





